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एनीमिया क्या है एनीमिया से बचने के उपाय

by Darshana Bhawsar
anemia

आज के समय में प्रदूषण के कारण कई प्रकार की बीमारियाँ हो रही है जैसे मलेरिया, फ्लू, हैजा, एनीमिया आदि। ये सभी ऐसी बीमारियाँ हैं जिनका समय रहते अगर ठीक प्रकार से इलाज नहीं कराया जाये तो ये जानलेवा बीमारियाँ बन जाती है। इसलिए इस प्रकार की बिमारियों से रोकथाम बहुत ही आवश्यक है। यहाँ हम बात करने जा रहे हैं एनीमिया के बारे में। हम जानेंगे कि एनीमिया क्या है और यह बीमारी किस कारण से होती है और इससे बचने के क्या उपाय हैं।

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  • एनीमिया क्या है?

शरीर में लोह तत्व की मात्रा शरीर के वजन के अनुसार 3 से 5 ग्राम तक होती है। और जब यह मात्रा कम होने लगती है तो शरीर में खून भी कम बनने लगता है और शरीर में खून की कमी आने लगती है। एनीमिया खून से सम्बन्धी बीमारी होती है। और ज्यादातर महिलाएँ एनीमिया की शिकार होती हैं। एनीमिया होने पर शरीर में आयरन की मात्रा कम हो जाती है। और इसी कारण से हीमोग्लोबिन की कमी आती है। हीमोग्लोबिन की कमी की वजह से नसों में ऑक्सीजन भी कम होने लगता है। और इन्ही सबकी वजह से होता है एनीमिया। एनीमिया की वजह से शरीर में ऊर्जा की कमी, थकान जैसी समस्याएँ आने लगती हैं। अभी तक के अनुमान स्वरुप भारत में लगभग 60 फीसदी लोगों में एनीमिया रोग पाया जाता है। और इसमें ज्यादातर महिलाएँ ही हैं। एनीमिया का सीधा अर्थ है शरीर में खून की कमी।

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  • एनीमिया के कारण:

अभी हमने देखा कि एनीमिया क्या होता है अब हम जानेंगे कि एनीमिया के क्या कारण होते हैं।

  • लौह तत्व वाली चीजों का कम सेवन करने के कारण एनीमिया होता है।
  • अगर कभी मलेरिया हो जाता है तो उस दौरान शरीर में लाल रक्त के कणों की कमी होती है और इस कारण से भी एनीमिया हो जाता है।
  • दुर्घटना, चोट, घाव आदि में अधिक खून बहना इन आदि कारणों से जब खून की कमी होती है वह भी एनीमिया का कारण है।
  • शौच, उल्टी, खांसी आधी में खून आने से भी एनीमिया हो सकता है।
  • माहवारी में अधिक रक्त स्त्राव से भी एनीमिया हो सकता है।
  • पेट के कीड़ों व परजीवियों की वजह से जब खूनी दस्त होते हैं वह भी एनीमिया का कारण है।
  • पेट के अल्सर की वजह से अधिक खून जाने के कारण एनीमिया हो सकता है।
  • बार-बार गर्भ धारण के कारण भी एनीमिया हो सकता है।

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इन सभी कारणों से एनीमिया हो सकता है। और इनकी रोकथाम बहुत ही आवश्यक होती है। इनके अलावा भी कई कारण होते हैं जिनसे एनीमिया होना संभव है। इसलिए आपको एनीमिया से बचने के लिए इन सभी चीज़ों से बचना होगा।

  • एनीमिया के लक्षण:

एनीमिया के कई लक्षण हो सकते हैं और अगर आपको इनमें से किसी भी प्रकार का कोई लक्षण दिखाई देता है तो आप तुरंत ही डॉक्टर से सलाह लें। एनीमिया या किसी भी बीमारी में लापरवाही न बरतें ये आपके शरीर के लिए हानिकारक हो सकती है। 

  • त्वचा का सफेद दिखाई देना।
  • जीभ, नाखूनों एवं पलकों का सफ़ेद दिखाई देना।
  • कमजोरी एवं थकावट महसूस होना।
  • लेटकर एवं बैठकर उठने में अचानक चक्कर आना एवं सिर घूमना।
  • चक्कर आकर बेहोश होना।
  • सांस फूलना।
  • हृदयगति तेज होना।
  • चेहरे एवं पैरों पर अचानक सूजन दिखाई देना।
  • तलवों और हथेलियों का ज्यादा ठंडा होना।

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ये सभी एनीमिया के लक्षण हैं। अगर आपको ऐसे लक्षण दिखाई देते हैं तो आपको डॉक्टर से बिना किसी देरी के सलाह लेना चाहिए। यह आपके लिए बहुत ही आवश्यक है। एनीमिया के ये लक्षण हैं और आप हमेशा गौर कर सकते हैं और इसकी रोकथाम करना भी बहुत जरुरी है। इसलिए आप अपनी सेहत के प्रति हमेशा सचेत रहें।

  • एनीमिया की रोकथाम:

एनीमिया एक ऐसी बीमारी है जिससे रोकथाम करना बहुत जरुरी है क्योंकि यह बीमारी जानलेवा भी होती है। इसलिए अगर आपको इस बात का पता है कि आपको एनीमिया है तो तुरंत इसका इलाज करवाएं। आप घर में भी कुछ उपाय कर सकते हैं जिससे एनीमिया आपसे दूर हो जाये।

  • मलेरिया या परजीवी कीड़ों के कारण:

अगर एनीमिया मलेरिया या परजीवी कीड़ों के कारण आपको हुआ है तो आप उसके लिए इसका किसी डॉक्टर से इलाज करवाएं। और इसकी दवाएं लें तब ही एनीमिया ठीक हो पायेगा। इसमें लारवाही बिल्कुल न बरतें। मलेरिया के दौरान भी शरीर में लाल कण कम हो जाते हैं जिसकी वजह से एनीमिया हो जाता है और इसका इलाज करवाना बहुत आवश्यक है।

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  • लौह तत्वयुक्त भोजन:

अगर आपको एनीमिया है तो आप ऐसा भोजन करें जिसमें पूर्ण रूप से आयरन शामिल हो जैसे पालक, मैथी इत्यादि। ये ऐसी सब्जियाँ हैं जिनमें पूर्ण रूप से लौह तत्व मौजूद होते हैं। इनमें और भी कई प्रकार के पोषक तत्व होते हैं। इसलिए हरी सब्जियों और भाजियों का सेवन करना चाहिए चुकुन्दर और अनार भी शरीर में लाल कण बनाने में सक्षम हैं।

  • विटामिन ‘ए’ एवं ‘सी’ युक्त भोजन:

भोजन में विटामिन ए और सी की मात्रा लेना बहुत जरुरी है इसके लिए आप खाने में नींबू, नारंगी, अंगूर, आंवला, टमाटर, संतरा, अमरूद, बेर, सेब, केला, मूली के पत्ते, शलगम, कटहल, पुदीना, मुनक्का, बंदगोभी, दूध, चुकंदर, चौलाई, हरा धनिया और पालक लें। इन सभी से आपको विटामिन ए और सी मिलेगा। इनसे एनीमिया जैसे रोगों से रोकथाम संभव है।

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  • फॉलिक एसिड:

फॉलिक एसिड गर्भवती महिलाओं एवं लड़कियों के लिए बहुत ही जरुरी होता है। इसलिए फॉलिक एसिड का सेवन किसी न किसी रूप में जरूर करना चाहिए। फॉलिक एसिड की गोलियाँ आसानी से बाजार में उपलब्ध हो जाती हैं आप इनका सेवन करें और एनीमिया जैसे रोगों से मुक्त रहें। कई ऐसे भोज्य पदार्थ भी हैं जिनमें फॉलिक एसिड पाया जाता है जैसे हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ, मूंगफली, अंडे, कुकुरमुत्ता, मटर व फलियॉँ, आलू, दालें, सूखे मेवे, मछली, गुड़, शलजम, अनानास आदि।

  • खाना लोहे की कड़ाही में पकाएं:

लोहे के बर्तन में पका हुआ खाना खाने से भी एनीमिया से रोकथाम किया जा सकता है। एनीमिया की कमी को पूरा करने के लिए आप लोहे की कड़ाही लें और उसमें खाना पकाएं। इससे बहुत ही जल्दी एनीमिया की परेशानी से आपको राहत मिलेगी।

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ये कुछ उपाय हैं जिनसे आप एनीमिया की रोकथाम कर सकते हैं इसके अलावा स्वच्छ शौचालय का उपयोग करें, स्वच्छ पेयजल पियें, काली चाय एवं कॉफी ज्यादा न पियें, खाने के बाद चाय या कॉफी न पियें, जल्दी-जल्दी गर्भधारण से खुद को बचाएँ। अगर आप इन सभी बातों का ध्यान रखते हैं तो आप आसानीपूर्वक एनीमिया जैसे खतरनाक रोगों से मुक्त हो सकते हैं।

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