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खून की कमी को पूरा करने के अचूक उपाय

by Darshana Bhawsar
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शरीर में खून की कमी होना आजकल बहुत आम हो गया है। कई शोध के अनुसार यह बताया गया है कि आज के समय में व्यक्ति में खून की मात्रा सामन्य मात्रा से कम रहने लगी है। इसके कई कारण है जैसे सही समय पर भोजन न करना, संतुलित आहार न लेना, भागदौड़ इत्यादि। ये कई वजह हैं जो शरीर में खून की कमी की वजह साबित हुई हैं। शरीर में खून एक ऐसा तत्व है जिसकी कमी से शरीर को चलाना मुश्किल हो जायेगा और अगर शरीर में खून नहीं है तो जीवित रहना नामुमकिन है। यह शरीर के लिए बहुत आवश्यक तत्व है।

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कोई भी जीवित का शरीर खून से ही चलायमान है। इसलिए अगर शरीर में खून की कमी होती है तो उस समय इसकी जाँच करवाना और इसका इलाज करवाना अत्यंत जरुरी हो जाता है। खून शरीर की कोशिकाओं में बहते हुए लाल कण होते हैं जिनसे शरीर को ऊर्जा मिलती है और शरीर  कार्य करने में सक्षम होता है। जब शरीर में लाल रक्त के कण कम हो जाते हैं और सफ़ेद रक्  कण बढ़ जाते हैं तो शरीर में आयरन और हीमोग्लोबिन की कमी हो जाती है। और इन कमियों के कारण शरीर में ऊर्जा नहीं रहती। कई बार शरीर में खून नहीं बनने की स्थिति में व्यक्ति को खून चढ़ाया जाता है। और इस तरह से जल्दी ही खून की कमी शरीर में पूरी की जाती है।

  • शरीर में खून न बनने के कारण:

अगर शरीर में खून नहीं बन रहा है तो इसके कई अनेक कारण हो सकते हैं। और समय रहते उन कारणों का पता लगते ही खून की कमी को पूरा करना चाहिए।

  • संतुलित आहार न लेना:

आज के समय में संतुलित आहार तो जैसे लोग भूल ही गए हैं। जब भी खाने की बात आती है तो लोग पिज़्ज़ा, बर्गर, चाउमीन इन सभी चीज़ों की ही बात करते हैं। इतना ही नहीं अब तो यही खाना लोगों को लुभाता है। और इसी खाने को लोग स्टैण्डर्ड समझते हैं। लेकिन सच बात तो ये है कि जिस खाने को लोग पसंद कर रहे हैं वही उन्हें नुकसान पहुँचाता है। संतुलित आहार वह होता है जिसमें मिनरल और विटामिन पूर्ण रूप से उपलब्ध हों। संतुलित आहार में अंकुरित अनाज, फल, हरी पत्तेदार सब्जियाँ, रेशेदार भोजन इत्यादि आता है। और अगर संतुलित आहार नहीं लिया जाता उससे खून न बनने की समस्याएँ उत्पन्न होती हैं।

  • समय पर भोजन न करना:

कई बार काम की व्यस्तता के कारण व्यक्ति समय पर भोजन नहीं करता और इस वजह से वह कई बार खाना भी नहीं खाता। इससे कई प्रकार की परेशानियाँ और बीमारियाँ हो सकती हैं। उन्ही में से एक है खून की कमी होना। और यह समस्या धीरे-धीरे बहुत व्यापक रूप ले लेती है और इससे बचाव करना चाहिए। समय पर भोजन करना चाहिए। हर व्यक्ति को अपनी एक दिनचर्या निर्धारित करना चाहिए और उस दिनचर्या के अनुसार ही कार्य करना चाहिए।

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  • हार्मोन्स:

कई बार शरीर में उपस्थित हार्मोन्स ठीक प्रकार से कार्य नहीं करते जिनकी वजह से कई प्रकार कि समस्याएं उत्पन्न होने लगती हैं। उनमें से ही एक समस्या है खून कि कमी होना। जब हार्मोन्स ठीक प्रकार से कार्य नहीं करते तो व्यक्ति चिड़चिड़ा होने लगता है न वह ठीक से कुछ खाता न किसी से बात करता। और इसी वजह से व्यक्ति तनाव में आने लगता है। व्यक्ति समझ ही नहीं पाता कि उसको क्या हो रहा है। और यह सब शरीर में खून की कमी के कारण होता है। हार्मोन्स जब कार्य नहीं करते तो शरीर में धमनियों तक खून पहुँचने में बाधा उत्पन्न होती है और खून बनने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है।

  • किसी दुर्घटना में अत्यधिक खून का बहना:

खून की कमी होने का एक यह भी बहुत ही बड़ा कारण है। अगर किसी दुर्घटना की वजह से शरीर में से अत्यधिक खून वह जाता है तो भी शरीर में खून की कमी आ जाती है। इस स्थिति में तो तुरंत ही शरीर को खून की जरुरत होती है और खून चढ़ाया जाता है। लेकिन कुछ दिनों तक शरीर में खून बनने की क्रिया धीरे हो जाती है, अगर खून बनना बंद हो जाता है तो व्यक्ति की मृत्यु भी हो सकती है।

  • माहवारी:

यह समस्या स्त्रियों में ही पायी है। मासिक धर्म के दौरान यदि महिलाओं का अत्यधिक रक्तस्त्राव होता है तो शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी आ जाती है। इस वजह से भी शरीर में खून जल्दी नहीं बन पाता और शरीर में खून की कमी बनी रहती है। इस समस्या को संतुलित और आयरन युक्त आहार लेकर कम किया जा सकता है।

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ये सभी कारण हैं जिनकी वजह से शरीर में खून नहीं बनता या खून बनने की प्रिक्रिया धीरे हो जाती है। और इसी वजह से शरीर को एनीमिया और ब्लड कैंसर जैसी भयानक बिमारियों का सामना करना पड़ता है। गर्भावस्था में, प्रसव के दौरान अत्यधिक रक्तस्त्राव होने पर, या बच्चे को जन्म से ही एनीमिया हो तो ये भी खून की कमी के बहुत बड़े कारण है। और अधिकतर इन्ही कारणों की वजह से हीमोग्लोबिन की कमी बताई जाती है। इस कमी को समय रहते पूरा करना बहुत आवश्यक होता है नहीं तो कई अन्य प्रकार की बीमारियाँ जन्म लेने लगती हैं जिन्हें कभी-कभी दूर करना नामुमकिन भी हो जाता है।

  • खून की कमी को पूरा करने के उपाय:

खून की कमी को पूरा करने का एक मात्र सबसे अच्छा उपाय है संतुलित आहार लेना। क्योंकि आहार से पूर्ण रूप से विटामिन और मिनरल शरीर को मिल सकते हैं। दवाओं से ऐसा होना थोड़ा मुश्किल है।

  • अनार:
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एक बहुत ही पुरानी कहावत है “एक अनार 100 बीमार”। इस कहावत का अर्थ है कि एक अनार में इतनी ताकत होती है या गुण होते हैं कि 100 बीमारी को भी इससे ठीक किया जा सकता है। और यह सही भी है। जिस व्यक्ति में हीमोग्लोबिन की बहुत ही अधिक कमी हो उसे प्रतिदिन सुबह उठकर अनार का सेवन करना चाहिए। इसके कई फायदे हैं जैसे पेट साफ़ होता है, खून की कमी पूरी होती है, शरीर में ऊर्जा आती है और चर्म रोग भी समाप्त होते हैं। अनार में कैल्शियम, आयरन, पोटेशियम, सोडियम, विटामिन सभी कुछ पाया जाता है।

  • सेब:

सेब के लिए भी यही कहा जाता है कि अगर एक सेब प्रतिदिन सुबह उठकर खा लिया जाये तो शरीर से कई बीमारियाँ दूर हो जाती हैं। शरीर में खून बनाने की प्रक्रिया को भी एक सेब की मदद से तीव्र किया जा सकता है। सेब के अनगिनत गुण है। सेब में काला नमक मिलकर खाने से मुँह से दुर्गन्ध आना भी बंद हो जाती है।

  • अंगूर:

अंगूर एक बहुत ही स्वादिष्ट फल है जिसमें सोडियम, पोटेशियम, आयरन और मिनरल पाए जाते हैं। इसकी मदद से खून की कमी को बहुत ही जल्दी पूरा किया जा सकता है। साथ ही अंगूर खाने से त्वचा में चमक आती है और वजन कम करने के लिए भी अंगूर एक बहुत उम्दा फल है। अंगूर में विटामिन्स भी पाए जाते हैं जो शरीर को ऊर्जा प्रदान करने में पूर्ण रूप से सहयोग करते हैं।

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  • गाजर:
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गाजर को फल और सब्जी दोनों की ही तरह घरों में उपयोग किया जाता है। अगर प्रतिदिन कोई व्यक्ति गाजर का जूस पिए या प्रतिदिन गाजर का सेवन करे तो उसे कभी भी खून की कमी नहीं होगी। आँखों की रौशनी तेज़ करने के लिए भी गाजर सहायक होती है। गाजर खाने से चर्म रोग भी दूर होते हैं और गाजर का जूस या सूप पीने से वजन कम करने में भी सहायता मिलती है। इसलिए अपने आहार में गाजर को शामिल करना चाहिए।

  • हरी पत्तेदार सब्जियाँ:

हरी पत्तेदार सब्जियाँ या हरी सब्जियाँ जैसे पालक, मैथी, गिलकी, लौकी इत्यादि का प्रतिदिन सेवन करना चाहिए। आप चाहें तो इनका सूप या जूस बनाकर भी पी सकते हैं। इनमें सभी प्रकार के विटामिन पाए जाते हैं साथ ही इनमें सभी मिनरल और प्रोटीन पाए जाते हैं जो सेहत के लिए अच्छे माने जाते हैं। इनके सेवन से खून की कमी को बहुत ही जल्दी पूरा किया जा सकता है। साथ ही शरीर से कई प्रकार की बिमारियों को भी दूर करना संभव है।

  • सूखे मेवे:

सूखे मेवे में आप बादाम, पिस्ता, अखरोठ, अंजीर, किशमिश, छुआरा इन सभी का सेवन कर सकते हैं। आप अगर रोजाना इनका सही मात्रा में सेवन करते हैं तो बहुत ही जल्दी शरीर में खून की कमी को पूरा किया जा सकता है। खून की कमी को पूरा करने के लिए इन सूखे मेवे को या तो दूध में उबालकर लें या फिर रात को पानी में भिगोकर सुवह इसका सेवन करें। भिगोने के लिए केवल बादाम, अंजीर और छुआरा ही लें, बाकि मेवे आप दूध में डालकर ले सकते हैं।

  • आंवले का सेवन:

आंवला एक ऐसा फल है जिसमें सभी विटामिन पाए जाते हैं। और अगर आप रोज एक आंवला खाते हैं तो खून की कमी बहुत ही जल्दी पूरी होगी और साथ ही साथ आपके शरीर को कई मिनरल और विटामिन भी मिलेंगे। आंवले को बालों और त्वचा के लिए बहुत ही उम्दा माना जाता है। और इसके सेवन से इनमें बहुत ही बड़ा अंतर देखने को मिलता है वो भी बहुत ही जल्दी।

  • मूंगफली के दाने और गुड़:

मूंगफली के दाने और गुण में भरपूर मात्रा में आयरन पाया जाता है। इसमें पाए जाने वाले लौह तत्व शरीर में खून की कमी को बहुत ही जल्दी पूरा करते हैं। इसलिए आप इनका प्रतिदिन सेवन करें। त्वचा और बालों के लिए भी इसके कई फायदे हैं। साथ ही मधुमेह पर भी इसके द्वारा नियंत्रण रखना संभव है। थोड़े बहुत मूंगफली के दाने और गुड़ रोजाना खाना चाहिए।

  • मुनक्का:

मुनक्का का सेवन कई प्रकार से फायदेमंद है जैसे खून की कमी इसके द्वारा पूरी की जा सकती है, हड्डियों का बुखार भी इसके द्वारा दूर होता है, मधुमेह से छुटकारा पाने के लिए, पेट साफ़ करने के लिए एवं भूख बढ़ाने के लिए। मुनक्का के आदित्य गुण है एवं प्राचीन काल से आयुर्वेद में मुनक्का का प्रयोग किया जा रहा है। इसके प्रतिदिन सेवन से कई बिमारियों को दूर किया जाना संभव है।

  • करेले का जूस:

करेले का जूस पीने से शरीर को सभी प्रकार के विटामिन मिल जाते हैं। पीने में यह बहुत ही कड़वा होता है लेकिन अगर लगातार 7 दिन आप करेले का जूस पीते हैं तो शरीर से सारे टॉक्सिन्स बाहर आ जायेंगे और शरीर से अतिरिक्त चर्बी भी घट जाएगी। सबसे बड़ी बात इन सात दिनों में आपका हीमोग्लोबिन बड़ जायेगा। आप सिर्फ सात दिनों में ही अंतर देख सकते हैं। मधुमेह और चर्म रोग भी इसे पीने से दूर होने लगते हैं।

  • जामुन:

जामुन एक बहुत ही स्वादिष्ट फल है। कैंसर और एनीमिया के रोगियों को जामुन खाने की विशेष सलाह दी जाती है। आप इसका जूस भी पी सकते हैं। लेकिन अगर आप जूस नहीं पीना चाहते हैं तो आप जामुन खा सकते हैं। इसकी गुठलियों को फेंकें नहीं उन्हें सुखाकर उनका चूर्ण बना लें और अगर आपको मधुमेह है तो रोज सुबह खाली पेट गुनगुने पानी से इस चूर्ण का सेवन करें। इससे बहुत ही जल्दी मशुमेह की समस्या से निजात मिल जाता है।

  • अंकुरित अनाज:

अंकुरित अनाज में बहुत अधिक प्रोटीन पाया जाता है। साथ ही इसमें ऐसे गुण पाए जाते हैं जो शरीर में खून की कमी को भी पूरा करते हैं इसलिए अगर आप रोज नाश्ते में अंकुरित अनाज का सेवन करते हैं तो बहुत ही जल्दी आप खून की कमी की समस्या से निजात पा सकते हैं और आप स्वयं को ऊर्जावान बना सकते हैं।

ऐसे कई भोजन हैं जिनके सेवन से आप हीमोग्लोबिन की कमी से निजात पा सकते हैं। लेकिन अगर आप भोजन पर ध्यान नहीं देते तो आपको खून चढ़वाने की जरुरत होगी या फिर आपको इन बिमारियों का सामना करना पड़ेगा और दवाएं खानी होंगी। दवाओं से अच्छा है कि आप संतुलित आहार पर ध्यान दें। इससे आपको किसी भी प्रकार के नुकसान नहीं होंगे। लेकिन आप इसके लक्षण को पहचान कर इसका इलाज जरूर करवाएं। हिमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए सबसे ज्यादा पालक, चुकंदर का सेवन करना चाहिए। इनसे बहुत ही जल्दी खून बनता और खून बनने की प्रक्रिया तेज़ हो जाती है।

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