Home हेल्थकोल्ड एंड फ्लू जाने कैसे किया जाता है कोरोना वायरस का टेस्ट?

जाने कैसे किया जाता है कोरोना वायरस का टेस्ट?

by Naina Chauhan
Virus

आज पूरी दुनिया में करीब 3 लाख से ज़्यादा लोग कोरोना वायरस के शिकार हो चुके हैं, जबकि इस जानलेवा संक्रमण से 14 हज़ार से ज़्यादा लोगों की जान जा चुकी है। हालांकि, इसमें कोई शक़ नहीं कि ये वायरस बड़ी तेज़ी से फैल रहा है, लेकिन राहत देने वाली बात ये भी है कि 3 लाख 33 हज़ार संक्रमित लोगों में लगभग एक लाख लोग बिल्कुल स्वस्थ भी हो गए हैं।

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आज इस वायरस की वजह से लोगों के दिलों में घबराहट होना जायज़ है, लेकिन इस वायरस से भागना इस बीमारी का हल नहीं है, बल्कि ज़्यादा ख़तरनाक है। आप इसका इलाज न कराकर न सिर्फ अपनी जान जोखिम में डालते हैं बल्कि आपके परिवार और आसपास के लोगों की भी जान ख़तरे में आ जाती है।

तो आइए जानें कि कोरोना वायरस जैसे लक्षण होने पर किस तरह के टेस्ट किए जाते हैं?

टेस्ट में क्या होता है?

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जब एक व्यक्ति कोरोना वायरस से संक्रमित होता है या नहीं इसका पता उसके यूरिन या फिर खून के नमूने से पता नहीं लगता। कोरोना वायरस के टेस्ट के तरीके में आपको थोड़ा असहज महसूस हो सकता है, लेकिन ये टेस्ट आसान है और जल्दी ख़त्म हो जाता है। इसमें आपकी नाक में एक लंबी क्यू-टिप को घुसाया जाता है और बलगम को टेस्ट के लिए लिया जाता है। ऐसा ही टेस्ट के लिए गले से बलगम के नमूने भी लिए जाते हैं। इस दौरान आपको सिर्फ शांत रहना है, इस टेस्ट में 10-15 सेकेंड से ज़्यादा देर नहीं लगती। आपकी नाक और गले से लिए गए नमूनो को एक साफ कंटेनर में रखकर सीधे लैब भेज दिया जाता है।

टेस्ट के नतीजे आने में कितना समय लगता है?

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इस टेस्ट के नतीजे आने में दो दिन लग सकते हैं और आपको तब तक शांति से इंतज़ार करना होगा। अस्पताल में रहते हुए घबराने या डरने की ज़रूरत नहीं है। आपके पास आपका मोबाइल होगा, जिससे आप अपने परिवार और दोस्तों से बातचीत कर सकते हैं। अगर आपको भर्ती होने के लिए नहीं कहा गया, तो आप वापस घर लौट सकते हैं और नतीजों का इंतज़ार कर सकते हैं। इसलिए जब भी आपको फ्लू या कोरोना वायरस जैसे लक्षण महसूस हों, घबराएं नहीं और फौरन नज़दीकी अस्पताल जाकर अपनी जांच कराएं। समय पर इलाज ही सबसे अच्छा बचाव है।

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