Home हेल्थकोल्ड एंड फ्लू क्या है कोरोना वायरस, कैसे फैलता है और इससे जुड़े मिथ्य

क्या है कोरोना वायरस, कैसे फैलता है और इससे जुड़े मिथ्य

by Dr. Himani Singh
corona virus

आजकल कोरोना वायरस बहुत ही चर्चा में बना हुआ है, जिधर देखो उधर कोरोना की दहसत नजर आ रही है। कोरोना वायरस की वजह से दुनियाभर में मौतों का आंकड़ा लगातार  बढ़ता जा रहा है। लाखों की संख्या में लोग  इस वायरस की वजह से संक्रमित  हो रहे हैं। दुनियाभर में इस बीमारी को लेकर अलर्ट जारी हो चूका है। ऐसा माना जाता  कि कोरोना वायरस का संक्रमण सबसे पहले चीन के वुहान शहर से शुरू  हुआ था जो अब धीरे धीरे चीन से निकल कर आसपास के देशों में भी फैल चूका है, जिसमें से  थाईलैंड, हांगकांग, यूरोप और भारत  जैसे देश शामिल हैं। आखड़ों  की माने  तो सिर्फ चीन में ही कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्‍या 4500  से ऊपर जा चुकी है, वही दूसरी ओर  भारत में भी कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है।

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ऐसे में हर व्यक्ति को मालुम होना चाहिए  कि  कोरोना वायरस क्या है, इसके  लक्षण इलाज और बचाव क्या हो सकते हैं।

कोरोना वायरस क्या है :

ऐसा अनुमान लगाया जाता है कि 2019 के अंत में, एक  अज्ञात श्वसन संक्रमण की पहली रिपोर्ट चीन के वुहान शहर में  घातक रूप से सामने आई थी। इस संक्रमण को  कोरोना वायरस के रूप में पहचाना गया था, जो कि 2002-2004  तक गंभीर तीव्र श्वसन सिंड्रोम (SARS) और 2012 में मध्य पूर्व श्वसन सिंड्रोम (MERS) के प्रकोप का कारण बना था। अब इस वायरस को  गंभीर तीव्र श्वसन सिंड्रोम कोरोना वायरस 2 (SARS-CoV-2) के रूप में जाना जाता है। इसके कारण होने वाली बीमारी को कोरोनवायरस वायरस 2019 (COVID-19) कहा जाता है। कोरोनावीरस विषाणुओं का एक परिवार है,  जो स्तनधारियों और पक्षियों में संभावित घातक बीमारियों का कारण बनते हैं। कोरोना वायरस  ज़ूनोटिक हैं, जिसका अर्थ है कि यह जानवरों और  मनुष्यों  के बीच संचारित हो सकता हैं।  जांच में पाया गया कि SARS-CoV को  बिल्लियों से मनुष्यों और MERS-CoV ऊंटों से मनुष्यों में स्थानांतरित हो सकता है। ऐसा भी खोज में पाया गया है कि कई ज्ञात कोरोना वायरस अनेकों  जानवरों में घूम रहे हैं जिन्होंने अभी तक मनुष्यों को संक्रमित नहीं किया है।

कोरोना वायरस कहा से और कैसे उत्पन्न हुआ :

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार , कोरोना वायरस सी-फूड से उत्पन  बीमारी है जो कि चीन के सी-फूड बाजार से शुरू हुई। कोरोना वायरस, वायरस का एक बड़ा समूह है जो जानवरों में आम है। यह SARS वायरस से संबंधित होता  है। आमतौर पर ये वायरस जानवरों को संक्रमित करता हैं। डब्लूएचओ के अनुसार, यह वायरस ऊंट, बिल्ली, चमगादड़ सहित कई पशुओं में फैलने के बाद अब मनुष्यों  में तेजी से फैल रहा है। शोध से यह बार सामने आई है कि यह  वायरस ऐनिमल्स से संबंधित है और मीट के होल सेल मार्केट, पोल्ट्री फर्म, सांप, चमगादड़ और  फर्म एनिमल्स के जरिए इंसानों में पहुँचता है। कोरोना वायरस विषाणुओं का एक बड़ा समूह है, जो इंसानों में सामान्य जुकाम से लेकर श्वसन तंत्र की गंभीर बिमारी पैदा करने  के लिए उतरदाई होता है। कोरोना वायरस एक  RNA वायरस है,जो हमारे  शरीर के अंदर की कोशिकाओं में टूट जाता है और उनका उपयोग खुद को पुन: उत्पन्न करने के लिए करता है। ये वायरस जानवरों और इंसानों दोनों को संक्रमित कर सकता है।  कोरोना  वायरस  सामान्य सर्दी से लेकर गंभीर बीमारियों जैसे हलकी फुलकी  रेस्पिरेटरी सिंड्रोम (MERS) और सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम (SARS) को जन्म  दे सकता है।

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कोरोना वायरस इंफेक्शन के लक्षण ?

आमतौर पर इस वायरस  द्वारा संक्रमित होने  के कम से कम 14 दिनों बाद इसके लक्षण दिखने शुरू हो जाते हैं। कोरोना वायरस  से ग्रषित  रोगियों में आमतौर पर जुखाम, खांसी,नाक बहना, सिर में तेज दर्द, कफ, गला खराब, बुखार, थकान,सांस लेने में तकलीफ आदि जैसे शुरुआती लक्षण दिखाई  देते हैं। इसके बाद ये लक्षण निमोनिया में बदल जाता है, साथ ही किडनी को भी  नुकसान पंहुचा सकता  हैं।  कोरोना वायरस की वजह से  श्वसन तंत्र में हल्का इंफेक्शन हो जाता है जैसा कि आमतौर पर  सर्दी-जुकाम में देखने को मिलता है। हालांकि इस बीमारी के लक्षण बहुत ही  कॉमन हैं और  यदि  व्यक्ति कोरोना वायरस से पीड़ित न हो तब भी ऐसे लक्षण  देखने को मिल सकते हैं।  कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों यानी जिनकी इम्युनिटी कमजोर होती है ऐसे लोग इस  वायरस की चपेट में जल्दी  आ जाते हैं। बुजुर्ग और बच्चे इसके आसानी से  शिकार हो सकते  हैं क्योकि उनकी इम्युनिटी कमजोर होती है।

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कोरोना वायरस कैसे फैलता है:

कोरोना वायरस का संक्रमण प्रभावित व्यक्ति के संपर्क में आने से तेजी से फैलता है यह वायरस  हवा  के माधयम से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फ़ैल सकता है। मुख्य्तः यदि व्यक्ति  लगभग 6 फीट के  अंतराल में बैठे हों क्योकि जब एक संक्रमित व्यक्ति खांसता है या छींकता है, तो सांस की बूंदों का उत्पादन होता है।ये बूंदें उन लोगों के मुंह या नाक  द्वारा पास में  बैठे व्यक्ति तक पहुंच कर  दूसरे व्यक्ति को भी संक्रमित कर  सकती हैं। ये बूंदें व्यक्ति के आसपास की वस्तुओं और सतहों पर उपस्थित हो सकती  हैं। अन्य लोग तब इन वस्तुओं या सतहों को छूकर, फिर अपनी आँख नाक या मुँह को स्पर्श करते हैं तो ऐसे में वह भी इस  कोरोना वायरस  की चपेट में आ जाते हैं। इसके अतिरिक्त यदि आप किसी  संक्रमित व्यक्ति से  हाथ मिलाते हैं तो भी  संक्रमण  आप  तक  पहुंच सकता है क्योकि संक्रमित व्यक्ति ने  अपने हाथ से अपने मुंह या नाक को छुआ होगा  और ऐसे में  जब संक्रमित  व्यक्ति आपसे हाथ मिलाता है, तो वह  वायरस आपके हाथ पर भी  स्थानांतरित कर सकता हैं। और ऐसे में  यदि आप  हाथ धोने  बिना, अपने मुंह या नाक को छूते हैं, तो आप गलती से उस वायरस को अपने शरीर में प्रवेश  करने का रास्ता प्रदान कर सकते हैं।

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कोरोना से खुद को कैसे रखें सुरक्षित:

वायरस के संपर्क में आने से बचना मुश्किल हो सकता है, खासकर यदि आप अक्सर बहुत से लोगों से घिरे रहते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार कुछ सावधानियां अपना कर आप अपने आप को काफी हद तक बचा सकते हैं :

  • खांसने या छींकने वाले लोगों से दूर रहने की कोशिश करें।
  • बीमार लोगो से  कम से कम 3 फीट दूर रहने का प्रयास करें।
  • बार-बार हाथ धोएं। हर बार कम से कम 20 सेकंड के लिए अपने हाथों को साबुन और पानी से अच्छी तरह धोएं।
  • यदि आपके पास साबुन और पानी की सुविधा नहीं है, तो अल्कोहल-आधारित हैंड सैनिटाइज़र का उपयोग करें। ऐसे सैनिटाइज़र का उपयोग करें  जिसमें कम से कम 60 प्रतिशत अल्कोहल युक्त स्रोत हो।
  • कोशिश करें अधिक से अधिक घर पर हैं, भीड़ भाड़ वाले इलाके से दूर रहने का प्रयास करें।  आप इसे “सामाजिक अलगाव”  भी कह सकते हैं।

कोरोना वायरस के बारे में मिथक मच्छर के काटने से आपको  कोरोना वायरस मिल सकता है: वर्तमान में ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है जिससे पता चले कि किसी  मच्छर के काटने से यह वायरस फैला  है। विशेषज्ञों के अनुसार  यह एक श्वसन विषाणु है, न की रक्तवाहक विषाणु ।

यदि आप चीन में निर्मित सामान खरीदते हैं तो आप इससे ग्रषित हो सकते हैं: विशेषज्ञों का मानना है की इस वायरस की  शुरुआत  क्यों न चीन से हुई हो, परन्तु चीन से निर्मित समान खरीदने से इसके फैलने  के अभी तक कोई पुख्ता प्रमाण नहीं मिले हैं।सावधानी के तहत आप चीन से  निर्मित वस्तुओं के प्रयोग से  पहले उन  आइटम की सतह को एक कीटाणुनाशक से साफ कर सकते हैं।

लहसुन खाने से दूर होगा कोरोना वायरस: इन दिनों  ऐसे कई दावे किये जा रहे हैं कि आहार में लहसुन की मात्रा बढ़ाने से  कोरोना वायरस इंफेक्शन से बचा जा सकता है लेकिन ये बात पूरी तरह से गलत है। ऐंटीमाइक्रोबियल प्रॉपर्टीज से भरपूर लहसुन एक हेल्दी फूड है लेकिन इस बात का कोई संकेत या सबूत नहीं मिले हैं जो ये साबित कर सके कि लहसुन से कोरोना वायरस का इलाज हो सकता है।

कोरोना वायरस होने पर मौत होने की पूरी सम्भावना हो सकती है: ऐसा नहीं है, विशेषज्ञों का कहना है कि इस संक्रमण के कारण मौत का खतरा लगभग 20 फीसदी ही है, तो यह मिथक पूरी तरह ठीक नही है क‍ि कोरोना वायरस की चपेट में आने पर मौत होने की पूरी सम्भावना हो।

आपके घर का  पालतू जानवर इस  वायरस को आप तक पंहुचा सकता है : अभी तक किसी भी खोज द्वारा यह  बात  साबित  नहीं हुई है की घर के  पालतू जानवर से यह वायरस  संक्रमित हो  सकता है। हालांकि यह बात सही है की यह  एक ज़ूनोटिक  वायरस है जो जानवरों और  मनुष्यों  के बीच संचारित हो सकता हैं। ऐसे में  आप अपने पालतू  जानवरों से संपर्क के बाद स्वच्छता का पूरा ध्यान रखें।

कोरोना वायरस ज्‍यादा उम्र के लोगों को जल्‍दी प्रभावित कर सकता है : कोरोना वायरस हर उम्र के लोगों को  प्रभावित कर सकता  है जरुरी नहीं की बूढ़े लोगों को ही जल्दी  प्रभावित करें,  ऐसा माना जाता है की जिन लोगो की इम्युनिटी कमजोर होती  है उन लोगो को इस वायरस से प्रभावित होने  का खतरा अधिक रहता है।शरीर पर एल्कोहल और क्लोरीन का छिड़काव  कोरोना वायरस से बचा  सकता है:  यह पूरी तरह गलत है क्योकि यदि  कोरोना वायरस आपके  शरीर के अंदर प्रवेश कर चुका है तो ऐसे में  बाहर शरीर  पर एल्कोहल और क्लोरीन का  छिड़काव बेकार  साबित होगा। बल्कि  इनका छिड़काव आपकी म्युकस मैम्ब्रेन, आंखों और मुंह तथा कपड़ों के लिए नुकसानदेह हो सकता है।

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