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शरीर में खून न बनने के कारण

by Darshana Bhawsar
anaemia

खून शरीर के लिए बहुत ही आवश्यक तत्व है बिना खून के शरीर को चलाना नामुमकिन है। इसलिए कहा जाता है की शरीर में खून की पूर्ण मात्रा होना चाहिए। जिसे हम हीमोग्लोबिन कहते हैं। और स्त्री और पुरुष दोनों के लिए ही इसकी एक मात्रा में तय है। जैसे महिलाओं में हीमोग्लोबिन की मात्रा 12.0 से 15.5 ग्राम प्रति डीएल होना चाहिए और वहीं पुरुषों में 13.5 से 17.5 ग्राम होना चाहिए। आज कल के समय में संतुलित खान पान नहीं होने की वजह से यह मात्रा गिरती जा रही है। अगर आपके शरीर में खून की बहुत ज्यादा कमी है तो आपको एनीमिया जैसी कई प्रकार की बीमारी घेर सकती हैं।

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शरीर में खून नहीं बनने के कई कारण हो सकते हैं। लेकिन इसकी पूर्ति करना पूर्ण रूप से आपके हाथ में है कि आपको इसके लिए क्या करना है और क्या नहीं। इसके लिए सबसे ज्यादा जरुरी है खान पान पर ध्यान रखना। लेकिन सबसे पहले हमें शरीर में खून न बनने के कारण जानना जरुरी हैं। इसके कई कारण हो सकते हैं जैसे:

  • बोनमैरो में चोट लगना:

बोनमैरो में चोट लगने से या रीढ़ की हड्डी में चोट लगने से कोशिकाएं क्षतिग्रस्त हो जाती हैं जिसकी वजह से खून बनने की प्रक्रिया कम हो जाती है। और यह एक बहुत बड़ा कारण है जिससे शरीर में खून नहीं बनता। अगर आपके साथ भी ऐसा कुछ हुआ है तो इसके लिए आप लापरवाही न बरतें और डॉक्टर से सलाह लें।

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  • हार्मोन असंतुलन:

कभी-कभी गर्भवस्था में हार्मोन्स असंतुलन हो जाते हैं जिसके कारण भी शरीर में खून बनना कम हो जाता है और इसकी वजह से इस दौरान महिलाओं में हीमोग्लोबिन 11 से 12 के बीच पहुँच जाता है और कभी-कभी इससे भी कम हो जाता है। लेकिन इस अवस्था में कम से कम 11 से 12 हीमोग्लोबिन होना आवश्यक है।

  • रेडियो या कीमो थेरेपी:

रेडियो और कीमो थेरेपी के दौरान भी बोनमैरो पर असर पड़ता है और इस कारण से भी शरीर में खून बनना बाधित हो जाता है। यह थेरेपी वैसे तो कैंसर के दौरान दी जाती है जो काफी दर्द देने वाली होती है। इस दौरान पूरा शरीर ही प्रभावित होता है लेकिन सबसे ज्यादा असर खून बनाने वाली कोशिकाओं पर पड़ता है।

  • वायरल इन्फेक्शन:

वायरल इंफेक्शन से शरीर में ब्लड सेल बनना कम हो जाते हैं और अधिकतर वायरल, ब्लड से सम्बंधित होते हैं। इसके अंतर्गत हेपेटाइटस, परवो वायरस बी, एच आई वी आते हैं। इनसे खून में कमी आना संभव है।

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  • आर्थराइटिस की दवा के सेवन से:

आर्थराइटिस की दवाओं के सेवन से भी बोनमैरो पर बहुत असर पड़ता है खासकर एंटीबायोटिक्स। इनके कारण ब्लड सेल बनना कम हो जाते हैं और परिणाम में हीमोग्लोबिन की कमी आ जाती है।

ये सभी कारण हैं जिनसे शरीर में खून नहीं बनता और इनको नियंत्रित करना मुश्किल होता है। लेकिन कुछ उपाय अपनाकर इस प्रकार की परेशानी से छुटकारा पाया जा सकता है। खून की कमी से होने वाले कई प्रकार के रोग हैं जैसे एनीमिया, ब्लड कैंसर, आयरन की कमी इत्यादि। इनसे बचने के लिए आपको मुख्य रूप से अपने खान पान पर ध्यान रखना होगा जैसे:

  • चुकंदर:

चुकंदर खून की कमी को पूरा करने वाला एक खाद्य तत्व है जिसे फल की तरह या फिर इसका जूस पीकर सेवन किया जाता है। इसमें आयरन, विटामिन और मिनरल्स सभी कुछ पाया जाता है। इससे खून साफ़ भी होता है और खून बढ़ता भी है। इसलिए चुकंदर का सेवन प्रतिदिन किसी न किसी रूप में करना चाहिए।

  • अनार:

अनार खून बढ़ाने में बहुत ही सहायक है यह एक ऐसा फल है जो हर मौसम में आसानी से उपलब्ध हो जाता है। इसमें फाइबर, विटामिन सी और विटामिन के की भरपूर मात्रा पाई जाती है। यह एंटी-ऑक्सीडेंट्स युक्त फल है इसके सेवन से खून तो बढ़ता ही है साथ ही साथ कई रोगों से मुक्ति मिलती है जैसे ब्लड कैंसर और त्वचा में निखार भी आता है।

  • पालक:

पालक एक हरी भाजी है जो बहुत ही आसानी से मिल जाती है। सर्दियों में पालक आसानी से और ताज़ी मिलती है। पालक में कैल्शियम, क्लोरीन, सोडियम, लोहा, खनिज लवण, श्वेतसार, फास्फोरस, प्रोटीन, विटामिन ‘ए’ एवं विटामिन ‘सी’ सभी कुछ पाया जाता है। खून की कमी पूरी करने के साथ ही साथ पालक कई बिमारियों को शरीर से परे करती है। इसका जूस पीने से मोटापा कम करने में भी सहायता मिलती है।

  • अंकुरित अनाज:

जब-जब भी संतुलित अनाज की बात की जाती है तब-तब उसमें अंकुरित अनाज शामिल होता है। अंकुरित अनाज में बहुत से गुण पाए जाते हैं। क्लोरोफिल, विटामिन ए, विटामिन बी, विटामिन सी, विटामिन डी और विटामिन के पाए जाते हैं जो कैल्शियम, पोटैशियम, मैगनीशियम, फास्फोरस, आयरन की कमी पूरा करने में सहायक हैं। इसलिए अगर आप रोज अंकुरित अनाज कहते हैं तो उससे आपके शरीर में खून की कमी पूरी होगी और साथ ही आप ऊर्जावान बने रहेंगे।

इन सभी भोजन से शरीर में खून की कमी पूरी होती है। खून की कमी होने पर दिखने वाले लक्षण के बारे में जानना भी बहुत जरुरी है। अगर आपको खून की कमी है तो आपको इस प्रकार से कुछ लक्षण दिखाई देंगे:

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  • थकान महसूस होना।
  • त्वचा में पीलापन आना।
  • होंठों एवं नाखूनों का रंग बदलना।
  • सांस फूलना।
  • सीने में दर्द होना।
  • नींद न आना एवं आँखों की रौशनी कम होना।
  • हाथ सुन्न होना।
  • अचानक वजन कम हो जाता।
  • वेबजह चिंता होना।
  • दिल की असामान्य धड़कन।
  • रोज चक्कर आना।
  • बालों का झड़ना।

अगर आपको ये सभी लक्षण दिखाई देते हैं तो इसका कारण शरीर में खून की कमी हो सकती है। इसके प्रति हमेशा सतर्क रहें। खून की कमी होने पर शरीर बहुत कमजोर हो जाता है। अगर आप समय रहते ही इसका इलाज कर लेंगे तो आप कई बड़ी बिमारियों से बच सकते हैं इसलिए आप अपने खाने और अपनी दिनचर्या पर विशेषकर ध्यान दें। फलों का और हरी सब्जयों का अधिक से अधिक सेवन करें, क्योंकि इनसे आपके शरीर में कई विटामिन और खनिज की पूर्ति होगी।

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