Home हेल्थएनीमिया एनीमिया से जुड़े कुछ आवश्यक तथ्य

एनीमिया से जुड़े कुछ आवश्यक तथ्य

by Dr. Himani Singh
Anemia

आयरन हमारे शरीर का एक आवश्यक खनिज है यदि आपके शरीर में इसकी कमी हो जाती है तब ऐसी स्थिति में हमारा शरीर पर्याप्त मात्रा में स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाओं को नहीं बना पाता है। जिसके कारण शरीर में एनीमिया होने की सम्भावना बढ़ जाती है। हम कह सकते है कि यदि हमारे शरीर में आयरन की कमी होने लगती तब यह कमी एनीमिया जैसे रोग को बढ़ावा देता है। ये लाल रक्त कोशिकाएं हीमोग्लोबिन कहलाती है ,जो कि आयरन से भरपूर प्रोटीन होता है। जिसका काम हमारे शरीर के फेफड़ों तक भरपूर ऑक्सीजन को पहुंचाना होता है। शरीर के एनीमिया से ग्रषित होने पर आपका शरीर थका हुआ और कमजोर महसूस करता हैं। एनीमिया कई प्रकार का हो सकता हैं, और प्रत्येक प्रकार का अपना कारण होता है। एनीमिया अस्थायी या दीर्घकालिक हो सकता है, और यह हल्के से लेकर गंभीर रूप तक हो सकता है। लाल रक्त कोशिका का सामान्य जीवन काल लगभग 120 दिनों का होता है। लाल रक्त कोशिकाएं अस्थि मज्जा में बनती हैं।

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एनीमिया रोग दो कारणों से होता है :

  • लाल रक्त कोशिकाओं या हीमोग्लोबिन के उत्पादन में कमी, या
  • लाल रक्त कोशिकाओं के नुकसान या विनाश में वृद्धि।

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एनीमिया और लाल रक्त कोशिकाओं को सारांशित करने वाले कुछ प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं :

  • लाल रक्त कोशिकाओं की सही संख्या होने और एनीमिया की रोकथाम के लिए गुर्दे, अस्थि मज्जा और शरीर के भीतर पोषक तत्वों के बीच सहयोग की आवश्यकता होती है। यदि गुर्दे या अस्थि मज्जा काम नहीं कर रहे हैं, या शरीर खराब रूप से पोषित है, तो सामान्य लाल रक्त कोशिका की गिनती और कार्य को बनाए रखना मुश्किल हो सकता है।
  • आहार में आयरन, विटामिन बी -12 और फोलेट लगातार कम लेने से एनीमिया का खतरा बढ़ सकता है।
  • एनीमिया के कुछ रूप वंशानुगत होते हैं और शिशु को जन्म के समय से प्रभावित कर सकते हैं।
  • मासिक धर्म से रक्त की कमी और गर्भावस्था के दौरान रक्त की आपूर्ति की मांग के कारण प्रसव के समय महिलाओं को विशेष रूप से आयरन की कमी होने के कारण एनीमिया होने का खतरा बढ़ सकता हैं।
  • खराब भोजन और अन्य चिकित्सा स्थितियों के कारण वृद्ध व्यक्तियों में भी एनीमिया विकसित होने का अधिक खतरा हो सकता है।

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रिपोर्ट: डॉ.हिमानी

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