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हाई इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग वर्कआउट क्या है और इसके क्या लाभ हैं

by Dr. Himani Singh
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यह तो हर कोई जानता है कि अपनी बॉडी को एकदम फिट रखने के लिए अपने आप को  किसी न किसी फिजिकल एक्टिविटी से जोड़े रहना बहुत ही आवशयक है, क्योकि फिजिकल एक्टिविटी आपको चुस्त और दुरुस्त  बनाये रखने में बहुत बड़ी भूमिका अदा करती है। ऐसे में आज कल मेट्रो सिटी में बढ़ती सिटिंग जॉब के चलते लोग अपने आपको फिट रखने के लिए जिम जाकर एक्सरसाइज करने की ओर  अधिक आकर्षित होते जा रहे हैं। सही प्रकार से कि गई एक्सरसाइज हमेशा ही हमारी बॉडी पर अच्छा इफ़ेक्ट देती है, परन्तु कई बार कड़ी मेहनत  के बाद भी आप अपने गोल तक नहीं पहुंच पा रहे है तो ऐसे में हाई इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग वर्कआउट आपको जल्दी ही अपने गोल तक पहुंचने में  मदद कर सकती हैं। एक सही और तेजी से किया हुआ वर्कआउट पैटर्न  आपके मेटाबोलिज्म रेट को तेज करके आपकी बॉडी  से  फैट को  जल्दी बर्न  करने में मददगार हो सकता है।

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हाई इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग:

हाई इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग (HIIT) या हाई इंटेंसिटी इंटरवल वर्कआउट (HIIE) को उच्च तीव्रता अंतराल प्रशिक्षण के साथ किये जाने वाले वर्कआउट या ट्रेनिंग के रूप में जाना जाता है।  इस प्रकार का वर्कआउट  उन लोगों के लिए बहुत ही लाभकारी और इफेक्टिव होता है जो जिम जाकर अधिक समय बिताने में सक्षम नहीं होते हैं। यूँ तो हम सभी जानते हैं कि स्वस्थ रहने के लिए पुरे दिन में कुछ समय के लिए शारीरक गतिविधि में शामिल होना चाहिए परन्तु हम से कुछ ही लोग इस प्रकार की गतिविधियों में अपने आपको इन्वॉल्व कर पाते हैं। समय की कमी के कारण अधिकांश लोग जिम भी नहीं जा पाते हैं, ऐसे में जिन लोगो के पास जिम में व्यतीत करने के  लिए  अधिक समय नहीं है उन लोगो के लिए  हाई इंटेंसिटी इंटरवल एक्सरसाइज बहुत ही फायदेमंद होती है। यह एक्सरसाइज   बहुत ही एनर्जेटिक होता है और इसे करने से काफी मात्रा में कैलोरी बर्न होती है।हाल के दिनों में यह एक्सरसाइज काफी लोकप्रिय हुई है।

हाई इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग वर्कआउट क्या है:

इस एक्सरसाइज को बहुत ही  हाई इंटेंसिटी पर करना होता है।  स्टडी  कार्डिओ के मुकाबले इसमे आपको बहुत ही कम टाईम के लिए रेस्ट  लेना होता है। इसलिए इसे हाई इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग कहा जाता है। यदि आपने अभी एक्सरसाइज करना स्टार्ट ही किया है या आप बिगनर है तो इस एक्सरसाइज को बिना किसी कुशल एक्सपर्ट की सलाह के न करें। हाई इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग द्वारा आप कम समय में अधिक फैट कम कर सकते हैं।  ये एक्सरसाइज  स्लो मेटाबोलिज्म वाले लोगो के लिए बहुत ही फायदेमंद साबित होती है क्योकि इसको अपनाने के बाद आपका मेटाबोलिज्म रेट तेज हो जाता है।  अधिकांशतः स्लो मेटाबोलिज्म के कारण हमारे बॉडी में जमा फैट आसानी से नहीं हट पाता  है। ऐसा देखा गया है कि फ़ास्ट मेटाबोलिज्म वाली महिलाएं स्लो मेटाबोलिज्म वाली महिलाओं की तुलना में अधिक कैलोरी बर्न करती है।

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इस प्रकार की ट्रेनिंग में  एक निर्धारित समय में कुछ वर्कआउट्स को बार बार तेजी से रिपीट किया जाता हैं।  इन्हें करने के दौरान आपकी हार्ट रेट काफी हाई हो जाती है जिससे कैलोरी बर्न होने के कारण आपका वजन काफी तेजी से कम हो सकता है। हाई इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग आपके मेटाबोलिज्म को बढ़ाता है जिसके कारण आप  कम समय में अधिक कैलोरी जला सकते है। इस एक्सरसाइज का सबसे बड़ा लाभ यह है कि आप इस एक्सरसाइज द्वारा  कम से कम समय में अधिकतम स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर सकते हैं। साइंस ने भी यह साबित किया है कि इस प्रकार कि एक्सरसाइज  मेटाबॉलिक फंक्शन और कार्डियो रिस्पिरेट्री फिटनेस में बहुत जल्दी सुधार कर सकती है। इस वर्कआउट को आप मात्र  20-25 मिनट में  खत्म कर  सकते है।

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हाई इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग वर्कआउट  की कुंजी:

हाई इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग करते समय आपको लिमिटेड समय दिया जाता है, जिसको आप अनदेखा नहीं कर सकते हैं क्योकि आपका वर्कआउट प्लान इस तरह तैयार किया जाता है कि आप के पास बस कुछ सेकेण्ड ही आराम करने के लिए  होते हैं।  इस वर्कआउट को 20 से 30  मिनट के लिए ही डिजाइन किया जाता है, अतः हम कह सकते हैं कि कम समय में कम रेस्ट लेकर हम अपने गोल को तेजी से प्राप्त कर सकते हैं। यह बात तो तय है कि इस प्रकार के वर्कआउट में  कड़ी मेहनत की जरुरत होती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप अपना पूरी तरह से 100 प्रतिशत दें, क्योकि यदि आप व्यायाम करने के लिए पूरी तरह से नए हैं, तो एक बार में सभी एक्सरसाइज करना आपके लिए थोड़ा मुश्किल हो सकता है। ऐसे में आप प्रतेक व्यायम के बाद 15 से 30-सेकंड के अंतराल का रेस्ट लेने के वजाय आप  एक से दो मिनट के अंतराल का रेस्ट ले सकते हैं।

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गलतियां जो हाई इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग वर्कआउट के दौरान हो सकती है :

  • इस  वर्कआउट  के दौरान बहुत सारी एनर्जी लगती है जिसकी वजह से आपके हार्ट पर काफी लोड पड़ता है। बहुत से लोग इस बात  का  ध्यान नहीं देते हैं  और  हार्ट प्रॉब्लम होने के बाद भी इस वर्कआउट को करते हैं, जो कि  आपकी सेहत के लिए गलत  साबित हो सकता है।
  • HIIT हमारे मसल्स पर  बहुत  अधिक खिंचाव डालता है। ऐसे में  यदि किसी को मसल्स में पहले से ही दर्द या  खिंचाव  की समस्या है तो जब तक यह दर्द पूरी तरह से सही न हो जाए तब तक इस एक्सरसाइज को शुरू न करें। इस बात का भी ध्यान रखें यदि आपको किसी प्रकार की इंजरी या बहुत ज्यादा बाइक पैन की समस्या है तो भी ऐसे में इस एक्सरसाइज को न करें।
  • कई बिगिनर्स इस एक्सरसाइज को जल्दी से अपने आपको फिट करने या वेट कम करने की लालसा में शुरू कर देते हैं परन्तु ध्यान रखें इस एक्सरसाइज को शुरू करने से पहले आप कुछ दिन तक अपनी बॉडी को अन्य प्रकार की हलकी फुलकी एक्सरसाइज द्वारा फ्लेक्सिबल और थोड़ा मजबूत बना लें,क्योकि इस एक्सरसाइज में बहुत ही ज्यादा स्ट्रेंथ की जरुरत होती है।  अतः शुरुआत में ही इस एक्सरसाइज को करने के निगेटिव परिणाम हो सकते हैं।
  • इस  वर्कआउट के लिए आपके बहुत अधिक स्ट्रेंथ की जरुरत होती है अतः प्रतेक दिन इस एक्सरसाइज को करने की आवश्यकता नहीं होती है।  आप इस एक्सरसाइज को अल्टरनेटिव डेज में कर सकते हैं।
  • इस एक्सरसाइज को शुरू करने से पहले इस बात का जरूर ध्यान रखें कि इस एक्सरसाइज को करते समय किसी एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें और उनकी देख रेख में ही इस एक्सरसाइज को करें , नहीं तो आपको चोट लग सकती है।

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हाई इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग को करने के स्वास्थ्य लाभ:

  • कम समय में अधिक कैलोरी बर्न: HIIT वर्कआउट एक ऐसा एक्सरसाइज है जो कम समय पूरा किया जा सकता है साथ ही कम समय में अधिक मेहनत करके आप अधिक से  अधिक कैलोरी बर्न कर सकते हैं। ऐसा पाया गया है HIIT वर्कआउट अन्य  दूसरी एक्सरसाइज की तुलना में 25-30 प्रतिशत अधिक कैलोरी बर्न  करने में लाभकारी होता  है।
  • मेटाबॉलिक रेट बढ़ाने में: HIIT वर्कआउट आपके  मेटाबॉलिक रेट को बढ़ाने में सहायक होता है। हाई मेटाबॉलिक रेट अधिक  कैलोरी अधिक बर्न  करने में महतव्पूर्ण भूमिका निभाता है।
  • फैट को कम करने में: यदि आपका लक्ष्य अपने फैट को कम करना है है तो ऐसे में हाई इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग आपके लिए सबसे बेहतर विकल्प है।   2012 के एक अध्ययन के अनुसार, HIIT शरीर के वसा को  अन्य प्रकार के व्यायाम  की तुलना में अधिक जला सकती है। इस अध्ययन में 46 पुरुषों को HIIT एक्सरसाइज कराई गई, जिनका वजन अधिक था।  इन 46 पुरुषों की आयु 25 वर्ष थी।  इन सभी पुरुषों ने एक सप्ताह में कम से कम तीन दिन  20 मिनट की HIIT  एक्सरसाइज में भाग लिया। 12 सप्ताह के बाद,  पाया गया की इन सभी के वजन में बहुत ही कमी आयी , मुख्य रूप से पेट का फैट बहुत ही कम हुआ था। अनेकोँ  अध्ययन के निष्कर्ष बताते हैं कि HIIT एक्सरसाइज से लोगों को कम समय में अधिक कैलोरी जलाने में मदद मिलती है।
  • मांसपेशियों को बिना नुकसान पहुचाये वजन घटाने में मदद करता है : जब आप डाइट पर होते हैं, तो  ऐसे में फैट के साथ मसल मॉस को कम करना मुश्किल होता है। ऐसे में डाइट  के साथ एक्सरसाइज जरुरी हो जाती है क्योकि आप अपने  शरीर के फैट के साथ साथ  मसल मॉस को भी कम करना चाहते हैं। ऐसा देखा गया है कि विभिन्न प्रकार की  कार्डियो  एक्सरसाइज आपके शरीर के फैट को तो कम कर सकती हैं  परन्तु आपकी मांसपेशियों के नुकसान को भी प्रोत्साहित  करती हैं। वही दूसरी ओर अध्ययनों से पता चलता है कि वेट ट्रेनिंग और HIIT दोनों ही प्रकार के वर्कआउट आपकी मांसपेशियों को मजबूत बनने के साथ साथ आपके शरीर के फैट और मसल मॉस को दोनों की कम करने में मदद करता है।  वेट ट्रेनिंग और HIIT दोनों ही प्रकार के वर्कआउट  यह सुनिश्चित करते हैं कि कम हुआ अधिकांश वजन आपके फैट स्टोरेज से था। 
  • कम समय में अप्प अपने गोल को पा सकते हैं: HIIT उन लोगो के लिए  एक  आइडियल एक्सरसाइज  है जो अपने आपको फिट तो रखना चाहते हैं परन्तु समय की कमी के कारण जिम नहीं जा सकते या जिम में जाकर अधिक समय नहीं बिता सकते हैं। अनेकों रिसर्च ने यह दाबा किया  है कि हर रोज के एक घंटे के  ट्रेडमिल या  जॉगिंग की तुलना में सिर्फ 15 मिनट की HIIT एक्सरसाइज  (सप्ताह में 3 बार ) करके आप अपने गोल को आसानी से पा सकते हैं। 
  • किसी भी जगह इस एक्सरसाइज को कर सकते हैं : हीट एक्सरसाइज का सबसे बड़ा लाभ यह होता है कि इसको करने के लिए किसी भी प्रकार के उपकरण की जरुरत नहीं होती है। आप इस एक्सरसाइज को अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी जगह कर सकते हैं।
  • शरीर से विषाक्त पदार्थो को बाहर निकलने में मदद करता है :जब हम हाई इंटेंसिटी  वाली एक्सरसाइज करते हैं तो ऐसे में हमारी हार्ट रेट बहुत अधिक हो जाती है जिसके कारण हमारे शरीर से तेजी से पसीना निकलने लगता है और हीट एक्सरसाइज के दौरान हमारी हर एक्सरसाइज लगभग 20 से 30 सेकेण्ड की होती है जिसमें हमे तेजी से उस एक्सरसाइज को  बिना रुके पूरा  करना होता है जिसके कारण हम अपने पसीने को तौलिये से  पौंछ नहीं पाते, और हमारे शरीर में मौजूत विषाक्त पदार्थ हमारे पसीने के साथ वह जाते हैं। 
  • दिल के स्वास्थ्य के लिए अच्छा : बहुत से  लोगो के लिए एरोबिक व्यायाम काफी चुनौती पूर्ण होता है क्योकि ऐसे में उनके हर्दय की गति बहुत तेज हो जाती है। हाई इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग ऐसे लोगो के लिए वरदान का काम करती है, क्योकि  यह  एक्सरसाइज एक स्वस्थ दिल रखने में  आपकी मदद करती  है और आपके पूरे शरीर में रक्त प्रवाह को प्रभावी ढंग से फैलाने  में भी  मदद करती है। HIIT अच्छे स्वास्थ्य के साथ-साथ आपके  हृदय के स्वास्थ्य में भी  सुधार करने में मदद करता है। HIIT जैसे एरोबिक  एक्सरसाइज  आपके फेफड़ों और हृदय को आपकी मांसपेशियों की कोशिकाओं तक ऑक्सीजन पहुंचाने में मदद प्रदान करते हैं। व्यायाम के दौरान अपनी अधिकतम हृदय गति का अनुमान लगाने के लिए अपनीआप उम्र को 220 से घटाएं,घटाने के  बाद जो भी परिणाम आये वही आपके व्यायाम के दौरान अधिकतम हृदय गति होनी चाहिए। फिटनेस बनाने के लिए आपके  अनुमानित अधिकतम हृदय गति के अनुसार लगभग  60% से 70% के बीच व्यायाम करना आपके लिए  पर्याप्त  होता है। यदि आप धीरे-धीरे 80% तक अपनी  कैपेसिटी बना सकते हैं, तो आप ऐसे में  और  अधिक  फिटनेस लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
  • डायबेटिज़ रोगियों के लिए लाभकारी : HIIT इंसुलिन संवेदनशीलता में सुधार करता है क्योकि इस एक्सरसाइज से अधिकतम ऑक्सीजन की मात्रा में बढ़ावा होता है, साथ ही यह शरीर के बॉडी  मॉस और शरीर में  फैट को भी  घटाता है। डायबिटीज मेलिटस टाइप II वाले रोगियों  के लिए तीव्र HIIT अभ्यास  बहुत ही लाभकारी होता है ।

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