शेयर करें

ज्यादातर देखा जाता है की  लोग दोपहर में पेट भरकर खा लेते हैं और खाना खाने के तुरंत बाद ही नींद की  झपकियां लेने लगते है। वैसे देखा जाये तो दोपहर में खाना खाने के बाद नींद आने की समस्या लगभग हर किसी व्यक्ति के साथ होती है। परन्तु  क्या आपने सोचा है कि ऐसा क्यों होता है?  चलिए जानते है कि ऐसा अक्सर क्यों होता है। हमारे शरीर में मस्तिष्क और आंतें दो ऐसे अंग हैं, जिनको अच्छी प्रकार से काम करने के लिए उपयुक्त ऊर्जा की जरुरत होती है।

इसे भी पढ़ें: केक काटकर बैक्टीरिया को न दे दावत

दरअसल जैसी ही हम भोजन करना शुरू करते है उसके साथ ही हमारी पाचन क्रिया भी शुरू हो जाती है। और इस काम को करने के लिए हमारे पेट को अधिक रक्त की आवश्यकता होती है। हमारे हृदय से आने वाले रक्त का समान्यतः 28 प्रतिशत हिस्सा लिवर को, 24 प्रतिशत लंग्स को, 15 प्रतिशत मांसपेशियों को,14 प्रतिशत दिमाग को तथा 19 प्रतिशत शरीर के अन्य भागों में जाता है। खाना खाने के बाद कुछ समय के लिए हमारे मस्तिष्क में रक्त की मात्रा कम हो जाती है, जिसकी वजह से मस्तिष्क के कार्य करने कि क्षमता थोड़ी धीमी हो जाती है। जिसकी वजह ही हमको सुस्ती और नींद का अनुभव होता है।

इसे भी पढ़ें: करेला: जूस है कड़वा पर है फायदों से भरा

इसका दूसरा कारण दोपहर के  भोजन में  अधिक कार्बोहाइड्रेट्स का प्रयोग करना भी हो सकता है।अधिक भोजन करने पर हमारे शरीर में इन्सुलिन का लेवल भी बढ़ जाता है। शरीर में पैंक्रियास ब्लड शुगर लेवल को विनियमित करने के लिए इन्सुलिन उत्पन्न करती हैं, जब हम अधिक मात्रा में भोजन कर लेते है तब हमारे शरीर में इन्सुलिन की मात्रा भी बढ़ जाती है और जिसकी वजह से हमारे शरीर में स्लीप हार्मोन्स पैदा हो जाते है और हमे सुस्ती आने लगती है। मानव मस्तिष्क के अंदर पाया जाने वाला एडेनोसाइन नामक रसायन ही व्यक्ति के अंदर सोने की इच्छा  उत्पन्न करता है। यह रसायन रात को तथा  दोपहर को खाना खाने के बाद अधिक निकलता है। जिस कारण हमें खाने के बाद नींद आती है।

रिपोर्ट: डॉ. हिमानी