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नई दिल्ली। कहते है अगर आत्मा शरीर छोड़ दें, तो इंसान मर जाता है, लेकिन उसके कुछ अंग काम करते रहते हैं। जैसे दिल, लेकिन अगर वही दिल किसी और के सीने में धड़कने लगे तो उसे नया जीवन मिल जाता है।

ठीक ऐसा ही हुआ दिल्ली की 53 साल की महिला के साथ जिसे मुंबई के 42 साल के एक शख्स का दिल लगाया गया। 1187 किलोमीटर की दूरी तय करके मुंबई से एक दिल दिल्ली लाया गया। जिसे ग्रीन कॉरिडोर बनाकर अस्पताल पहुंचाया गया। इस दिल को मुंबई से दिल्ली लाना सबसे बड़ा चैलेंज था। लेकिन कहते हैं ना जीना और मरना ऊपर वाले के हाथ में होता है। 53 साल की महिला को जीना था वो भी किसी और के दिल के साथ इसलिए उसे यह दिल मिल गया।

डॉक्टर ने बताया कि उनके अस्पातल में एक महिला डाइलेटेड कार्डियोमायोपैथी से पीड़ित थी, उनके हार्ट ने काम करना बंद कर दिया था, ऐसे में अगर जल्द से जल्द उन्हें नया दिल नहीं मिलता तो वो ज्यादा दिनों तक जी नहीं पाती। इसके लिए हमने ज्यादातर सारे अस्पताल में हार्ट की जल्द से जल्द मिल जाए ऐसी रिक्यूएस्ट डाली। जिसके बाद हमें मुंबई से कॉल आया जहां एक 42 साल के पुरुष को ब्रेन डेथ घोषित किया गया। उनका हार्ट फोर्टिस को मिला, जिसके बाद दिल्ली से डॉक्टरों की टीम गई और वहां से हार्ट निकाल कर दिल्ली आई और फिर यह सर्जरी की गई।