क्या वास्तु शास्त्र चमत्कार है?

by Darshana Bhawsar
vastutips

वास्तु को लेकर लोगों के मन में कई प्रकार की धारणाएं बनी हुई हैं।  कोई कहता है वास्तु एक चमत्कार है तो कोई कहता है विज्ञान है।  लेकिन लोग समझ नहीं पाते कि वास्तु शास्त्र आखिर ऐसा है क्या जिसकी वजह से व्यक्ति के जीवन में सुख भी आना संभव है और परेशानियाँ आना भी सम्भव है।  इसलिए ही लोग इसे चमत्कार कहते हैं। लेकिन असलियत में वास्तु शास्त्र एक बहुत प्राचीन विज्ञान है।  एवं इसका उपयोग घर या ईमारत के निर्माण के लिए दिशाओं के अवलोकन के आधार पर किया जाता है।

इसे भी पढ़ें: सुबह नाश्ते में खाएं 1 सेब और 1 कटोरी ओट्स, दिल की बीमारियां रहेंगी दूर

  • क्या है वास्तु शास्त्र:

जैसा कि हमने देखा वास्तु शास्त्र एक बहुत प्राचीन विज्ञान है जिसका प्रयोग ईमारत निर्माण के लिए किया जाता है ये ईमारत कोई भी हो सकती जैसे घर,  ऑफिस, मंदिर इत्यादि। इन इमारतों का निर्माण दिशा अवलोकन के आधार पर किया जाता है। कई बार इसमें व्यक्ति की राशि भी निर्भर करती है। क्योंकि कई बार अपने देखा होगा कि कोई घर किसी को बहुत फलता है लेकिन किसी को वही घर कंगाल भी कर देता हैं। इसलिए इसमें ज्योतिष विज्ञान का भी विशेष महत्व है।

वास्तु शास्त्र को दो शब्दों या कुछ वाक्यों में पूर्ण रूप से समझना बहुत मुश्किल है। यह एक बहुत बड़ा ज्ञान शास्त्र है जिसको पढ़ना, समझना पड़ता है और सीखना पड़ता है।  वास्तु शास्त्र की दो किताबें पढ़कर कोई भी इसमें महारथ हासिल नहीं कर सकता।

  • वास्तु में दिशाओं का महत्व:

पूरे संसार में सर्फ़ दिशाओं का ही महत्व है। हम सिर्फ चार दिशाओं में सिमटे हुए हैं। समय के लिए हम जो घड़ी प्रयोग करते हैं उसमें भी दिशा का अवलोकन होता है,  जब हम रास्ते पर चलते हैं तो भी दिशा के अनुसार ही जाते हैं।  वैसे ही जब कोई ईमारत का निर्माण किया जाता है वह भी दिशा कर अनुसार ही किया जाता है। हम अगर हमारा रोज का जीवन देखें तो कही न कही हम चारों दिशाओं से जुड़े हुए हैं।

Loading...
vastutips

वास्तु शास्त्र में इन्हीं दिशाओं का अवलोकन करकर ईमारत का निर्माण किया जाता है। कई बार घर में वस्तुएँ भी वास्तु के अनुसार ही रखी जाती है।

  • किस तरह संसार वास्तु से जुड़े हैं:

इसे भी पढ़ें: इम्यूनिटी बढ़ाने वाले ड्रिंक, हर बीमारी से रहेंगे दूर

मान लीजिये आपने घर में तुलसी का एक पौधा लगाया,  लेकिन आपको नहीं पता कि तुलसी के पौधे के क्या गुण है। और जबसे आपने तुलसी का पौधा लगाया हैं तब से घर में सकारात्मक ऊर्जा आने लगी तो इन सबका कारण है वह तुलसी का पौधा। लेकिन इसके गुणों के बारे में आपको ज्ञान नहीं है और इसके बारे में वास्तु शास्त्र में लिखा हुआ है। इसकी व्याख्या सम्पूर्ण रूप से कई शास्त्रों में भी की गई है। ये एक उदहारण था।

हर कोई व्यक्ति किसी न किसी उर्जा को मानता है कोई किसी रूप में तो कोई किसी रूप में और इस संसार में उसे धर्म का नाम दिया गया है।अब अगर हिन्दू धर्म की बात करें तो हिन्दू अपने घर में भगवान् का एक स्थान बनाते हैं जिसे वे पूजा घर कहकर पुकारते हैं। कई लोग पूजा घर गलत दिशा में बनाते है और फिर अचानक पूजा घर या भगवान् का स्थान बदल देते हैं और ऐसा करते ही उनके साथ अच्छा होने लगता है। ऐसा करने के पीछे उनका कोई ख़ास मकसद नहीं होता लेकिन ऐसा करते ही सब अच्छा होता है। ऐसा दिशा परिवर्तन के कारण होता है जिसके बारे में वास्तु शास्त्र में बताया गया है।

तो ये छोटी-छोटी चीज़ें हैं जो ये दर्शाती हैं कि संसार में किस प्रकार सभी चीज़ें वास्तु से जुडी हैं।

  • क्या वास्तु एक चमत्कार है:

वास्तु कोई जादू या चमत्कार तो नहीं है लेकिन किसी चमत्कार से कम भी नहीं है। वास्तु शास्त्र में हर एक बात को जो दिशा और ईमारत निर्माण और वस्तुओं से जुडी है। और इसे वैज्ञानिकों ने भी माना है इसे नकारना बहुत ही मुश्किल है।

एक ऐसा विज्ञान जिसने अपने कई चमत्कारिक रूप दिखाये हैं वह है वास्तु शास्त्र। किसी ने ऐसी कभी कल्पना भी नहीं की होंगी कि कोई ऐसा विज्ञान भी हो सकता है जिसने लोगों के जीवन परिवर्तित कर दिए। कई प्रकार के शोध इस पर किये गए और अंत में इसे चमत्कार मान लिया गया।

  • वास्तु शास्त्र का रंगों से भी है वास्ता:

लोगों को सुनने में यह बात भी बहुत अजीब लगता है कि रंगों का वास्तु शास्त्र से क्या लेना देना हो सकता है। लेकिन वास्तु शास्त्र ईमारत की हर एक चीज से तालमेल होता है रंग रोगन से भी।  जी हाँ वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के बाहर के दीवारों के रंग से लेकर घर के अंदर की दीवारों के रंग से भी वास्ता होता है।

घर का रंग सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करने वाला होना चाहिए जैसे सफ़ेद, आसमानी,  हल्का पीला, हल्का गुलाबी इत्यादि। यहाँ तक कि घर में लग रही लाइट किस रंग की हो इसको भी वास्तु में बताया गया है। हर छोटी से छोटी चीज के बारे में वास्तु शास्त्र में बताया गया है।

  • वास्तु ज्ञान क्यों जरूरी है:

हर व्यक्ति वास्तु शास्त्री तो नहीं बन सकता लेकिन थोड़ा और सही ज्ञान वास्तु के बारे में हर व्यक्ति को होना चाहिए।  इसके कई फायदे व्यक्ति को होंगे जैसे कि घर में कहाँ क्या चीज हो या कहाँ नहीं हो,  घर का रंग कैसा हो,  पूजा घर कहाँ हो,   भगवान की मूर्ति कहाँ रखना है, किस रंग की लाइट घर में हो इत्यादि।  ये छोटी- छोटी सी जानकारी जीवन में बहुत कुछ परिवर्तन कर सकती हैं।

यह ज़रूरी नहीं है कि आपको सम्पूर्ण ज्ञान हो लेकिन आप जो भी ज्ञान अर्जित करें सही करें और उसे जीवन में उतारें। कुछ चीज़ें जीवन के लिए बहुत आवश्यक होती हैं इनमें से एक यह भी है।

इसे भी पढ़ें: वास्तु शास्त्र के अनुसार घर का सामान रखें

  • वास्तु के फायदे और नुकसान:

वास्तु के फायदे बहुत अधिक है लेकिन अगर वास्तु के अनुसार सभी कार्य हों। रातों रात तरक्की करवाने में भी वास्तु का बहुत बड़ा हाथ होता है। वास्तु से लोगों के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है। सुख, धन धान,  समृद्धि, शांति सभी कुछ वास्तु शास्त्र के द्वारा पाया जा सकता है।

अगर घर का वास्तु सही है तो सब कुछ सकारात्मक होगा लेकिन अगर वास्तु के अनुसार नहीं है तो सब कुछ नकारात्मक हो सकता है। वास्तु होना और सही वास्तु होने में अंतर है। वास्तु हमेशा सही होना चाहिए।

इस प्रकार वास्तु को चमत्कार कहा जा सकता है। वास्तु के बारे में आज के समय में कई लोग समझने लगे हैं और इसको महत्व देने लगे हैं।

Loading...

You may also like

Leave a Comment

* By using this form you agree with the storage and handling of your data by this website.