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बारह सप्ताह की गर्भावस्था के दौरान आने वाले परिवर्तन

by Darshana Bhawsar
Twelfth Week

गर्भावस्था का बारहवें सप्ताह का मतलब गर्भवस्था के तीसरे माह का अंतिम समय। तो आज हम यहाँ देखेंगे कि बारह सप्ताह की गर्भवस्था के दौरान आने वाले परिवर्तन के बारे। यह वह समय होता है जब अचानक से गर्भवती एवं शिशु दोनों में बहुत अधिक परिवर्तन दिखाई देने लगता है। ये अंदरूनी और बाहरी दोनों ही रूप से होने वाले परिवर्तन होते हैं। इस दौरान भ्रूण में काफी विकास भी होता है और गर्भवती के पेट के द्वारा उनकी गर्भवस्था को भांपना भी मुमकिन होने लगता। हालाँकि भ्रूण इस दौरान बहुत ज्यादा बड़ा नहीं होता लेकिन उसके सारे अंग बन चुके होते हैं।

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बारह सप्ताह की गर्भावस्था के दौरान आने वाले परिवर्तन:

शिशु का आकार, वजन एवं अंग:

बारह सप्ताह की गर्भवस्था के दौरान आने वाले परिवर्तन में सबसे बड़ा परिवर्तन है शिशु का आकार, वजन एवं उसके अंग। इस दौरान शिशु का वजन 14 से 28 ग्राम तक होता है एवं उसका आकार 5.4 से. मी. होता है मतलब शिशु 2.1 इंच लम्बा होता है। वह एक नींबू की तरह होता है। अब शिशु के सभी अंग पूर्ण रूप से विकसित हो जाते हैं जिससे वह मनुष्य जैसा प्रतीत होता है लेकिन आकार में अभी भी वह काफी छोटा है।

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गर्भावस्था के दौरान माता में आने वाले परिवर्तन:

इस दौरान माता में कई प्रकार के शारीरिक परिवर्तन होते हैं जैसे:

  1. त्वचा पर झाइयाँ आना।
  2. स्तन में दर्द का अहसास होना। इसका कारण है किइस दौरान स्तन में दूध का उत्पादन होना प्रारंभ हो जाता है।
  3. निप्पल का रंग गहरा होना।
  4. योनी से स्राव होना।
  5. सिर में दर्द का बना रहना।
  6. थकान अत्यधिक होना।

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बारह सप्ताह की गर्भावस्था के दौरान आने वाले परिवर्तन में से ये कुछ ख़ास परिवर्तन हैं जो महसूस किये जाते हैं। इन परिवर्तनों के अहसास से कई बार महिलाएँ विचलित हो जाती हैं लेकिन उनको यह समझना बहुत आवश्यक है कि ये स्वाभाविक परिवर्तन हैं जिनको उन्हें अपनाना ही होगा। इस दौरान महिलाओं को अपना और अपने शिशु का भी बहुत ध्यान रखना होता है।

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गर्भवती के लिए महत्वपूर्ण सुझाव:

  1. विटामिन और खनिज वाली सब्जियाँ और फलों का सेवन करें।
  2. जंक फूड न खाएँ एवं इस दौरान सूरजमुखी के बीज, दही, नट्स इत्यादि का सेवन करें।
  3. चिकिन, मछली इनका सेवन भी करें इससे शिशु की हड्डियाँ मजबूत होंगी।

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खाने का विशेष ध्यान रखना गर्भवस्था में बहत ज्यादा जरुरी है तो गर्भवती को पौषक खाने का सुझाव दिया जाता है। अगर गर्भवती पौषक आहार लेगी तो उससे शिशु को पोषण मिलेगा और शिशु स्वस्थ रहेगा।

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