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डिप्रेशन से बचना है तो खूब खाएं पके काले धब्बेदार केले

by Mahima

नई दिल्ली। आज कल की व्यस्त जीवनशैली के चलते लोग डिप्रेशन का बहुत अधिक शिकार होने लगे है। आज के दौर में 70% लोग डिप्रेशन का शिकार है अधिकांशतः यह डिप्रेशन इतना बढ़ जाता है की ये अनेको बीमारयों का रूप ले लेता है। अतः इन बीमारियों से बचने के लिए हेल्दी खाना बहुत जरुरी होता है। केले का सेवन हमारे तनाव को कम करने में बहुत लाभकारी होता है जब केला अधिक पक जाता है यानी जब केले के छिलके पर काले धब्बे आ जाते हैं, तो बहुत से लोग कहते है कि केला सड़ गया है और वे उसे फेक देते हैं। परन्तु यही अधिक पके हुए काले धब्बे वाले केले डिप्रेशन को कम करने में बहुत ही फायदेमंद साबित होते हैं। केले में डोपामाइन नामक हॉर्मोन काफी अधिक मात्रा में पाया जाता है।

डोपामाइन एक दिमागी हॉर्मोन है जो हमारे शरीर और दिमाग में होने वाली कई प्रकार की गतिविधियों  के लिए जिम्मेदार होता है और उन्हें नियमित करता है। अधिकांशतौर पर हमारी खुशियों और इमोशन को यह हार्मोन्स ही नियंत्रित करता है। डोपामाइन एक से दूसरी दिमागी कोशिका तक सिग्नल भेजने का कार्य करता है, यदि डोपामाइन के स्तर में उतार चढ़ाव होते है तो यह प्रक्रिया बाधित हो जाती है जिसकी वजह से हमारे शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ते है जो की कभी कभी डिप्रेशन का कारण भी बन जाता है।

अतः भोजन के द्वारा डोपामाइन को संतुलित अवस्था में रखना डिप्रेशन से बचने का आसान उपाए है। ऐसे में बहुत ज्‍यादा पका हुआ केला जिस पर काले और भूरे दाग पडे़ हों, खाने से डोपामाइन का लेवल अच्छी मात्रा में बढ़ता है। इसके साथ ही इसमें बहुत अधिक  मात्रा में ट्रिप्टोफान भी पाया जाता है जिसे हमारा शरीर सेरोटोनिन में बदल देता है, जो कि ब्रेन को रिलैक्स  करने तथा मन को खुशी प्रदान करने का काम करता है।  अतः पके हुए काले धब्बेदार केले खाने से आप दिनभर खुश रहेंगे और डिप्रेशन से बचे रहेंगे।

रिपोर्ट: डॉ. हिमानी

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