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नई दिल्ली। हाथ-पैर सुन्न होना आजकल आम बात है…  एक ही जगह पर या एक ही स्थिति में काफी देर तक बैठे रहने पर अंग सुन्न हो जाते हैं या रात में एक ही अवस्था में सोए रह जाने से अचानक हाथ या पैर में सुन्नपन या अकड़न आ जाती है। उनमें अजीब सी झनझनाहट होने लगती है। आमतौर पर ये गंभीर बात नहीं है, लेकिन अगर आपके अंग बार-बार सुन्न हो रहे हैं, या असर देर तक रहता है तो डॉक्टर से मिलना जरूरी है।

जब भी हमारा कोई भी अंग सुन्न हो जाता है तो हमें उस जगह किसी भी चीज का अहसास नहीं होता। किसी काम को करना मुश्किल हो जाता है। कभी-कभी दर्द और कमजोरी भी महसूस होती है। आमतौर पर यह समस्या गंभीर नहीं होती और कुछ मिनटों के बाद खुद से या थोड़ी बहुत मालिश के बाद ठीक भी हो जाती है। पर इसका जल्दी-जल्दी होना या देर तक असर रहना किसी अन्य रोग का लक्षण भी हो सकता है।

रक्तसंचार हो जाता है कम

अंग के सुन्न होने का मुख्य कारण रक्त संचार होता है, जिसकी कमी अचानक से हो जाती है। जब शरीर के किसी भी अंग में अधिक समय तक दबाव होता है या रक्त संचार ढंग से नहीं होता तो शरीर की नसों पर असर पड़ने लगता है। इससे शरीर के अंगों तक पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन और रक्त संचार नहीं हो पाता है, जिससे उन अंगों में झनझनाहट होने लगती है या वे सुन्न हो जाते हैं।

सुन्नपन के कई कारण हो सकते हैं। गुलियन बैरे सिंड्रोम, एक ऐसा ऑटोइम्यून डिसॉर्डर है, जिसमें हमारा इम्यून सिस्टम ही नसों को नुकसान पहुंचाने लगता है। हाथ-पैर की उंगली व जोड़ सुन्न पड़ने के साथ उनमें सुई सी चुभन होती है। ये समस्या कई बार श्वसन रोगों का रूप भी ले लेती है। पेरिफेरल वैस्कुलर डिजीज (पीवीडी) में भी अंग सुन्न होने का लक्षण देखा जाता है। इसके लिए डॉक्टर से जरूर मिलें।

पोषक तत्वों की कमी

विटामिन बी-12, पोटैशियम, कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम की शरीर में कमी होने पर हाथ व पैर सुन्न पड़ने लगते हैं। ऐसे में थकावट व आलस का एहसास भी लगातार होता है। खान-पान में इन सभी तत्वों को शामिल कर, इनकी कमी दूर किया जा सकता है।

डायबिटीज

डायबिटीज की समस्या होने पर भी हाथ व पैरों में झनझनाहट महसूस होती है। इसमें व्यक्ति को हद से ज्यादा भूख या प्यास भी लगती है, जल्दी-जल्दी पेशाब आता है। इसके लिए ब्लड शुगर की जांच कराई जाती है। दवाओं व उचित खान-पान से आप इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं।

थाइरॉएड

गले की थाइरॉएड ग्रंथि में गड़बड़ी आने पर भी हाथ व पैरों में अकड़न व सुन्नपन का एहसास होता है। कई बार अकड़न देर तक रहती है। ऐसे में सर्दी लगना, वजन बढ़ना, त्वचा का रूखा होना व माहवारी में गड़बड़ी जैसे लक्षण भी देखने को मिलते हैं। खून की जांच से इसका पता चल जाता है।

टारसल टनल सिंड्रोम 

टारसल टनल पैर के भीतरी भाग में टखने की हड्डी के पास होती है। यह समस्या विशेषतौर पर गर्भवती महिलाओं में ज्यादा पायी जाती है। वहीं जिनके पैर का तलवा फ्लैट होता है, उनमें भी इस नस पर ज्यादा दबाव पड़ता है, जिससे पैर में दर्द, झनझनाहट एवं भारीपन का एहसास होता है।