शेयर करें

बारिश का मौसम आते ही बुखार, फ्लू और कोल्ड के मामले बढ़ जाते हैं। इनमें मलेरिया, डेंगू, वायरल फीवर और चिकनगुनिया जौसी घातक बीमारियां शामिल है। इन बीमारियों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

इसे भी पढ़ें: इन जादुई तरीकों से घटाएं अपना वजन

बारिश के मौसम में फैलती है यह बीमारी

वायरल बुखार खांसी, आंखों की लाली या नाक बहने से जुड़ा हुआ है। डेंगू के साथ बुखार और आंखों में दर्द होता है। चिकनगुनिया बुखार, दांत और जोड़ों के दर्द का मिश्रण है। आम तौर पर जोड़ों का दर्द बढ़ता जाता है। मलेरिया बुखार ठंड और जकड़न के साथ आता है और बुखार के दो एपिसोड के बीच एक सामान्य चरण होगा। स्थिति की शुरुआत के बाद पीलिया में बुखार गायब हो जाता है। अंत में टाइफाइड बुखार अक्सर अपेक्षाकृत नाड़ी और विषाक्त भावना के साथ लगातार बना रहता है।’

इसे भी पढ़ें: वजन कम करने का आसान उपाय सौफ का सेवन

इस सीजन में करंट लगने से होने वाली मौतों से सावधान रहें क्योंकि अर्थ न होने पर कूलर में करंट आ सकता है। नंगे पैर नहीं चलें, क्योंकि अधिकांश कीड़े बाहर आ सकते हैं और संक्रमण का कारण बन सकते हैं।’ उन्होंने कहा, ‘रुके हुए पानी में न खेलें क्योंकि चूहे का मूत्र मिला पानी लैक्टोसिरोसिस (पीलिया के साथ बुखार) उत्पन्न कर सकता है। घर या आस-पास के इलाकों में पानी जमा न होने दें। केवल उबला हुआ या सुरक्षित पानी पीएं क्योंकि इस मौसम में दस्त, पीलिया और टाइफाइड की अधिक संभावना रहती है।’