Home हेल्थ पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन के कम होने के लक्षण

पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन के कम होने के लक्षण

by Mahima
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टेस्टोस्टे्रॉन को पुरुष हार्मोन भी कहा जाता है। यदि शरीर में इसका स्‍तर कम हो जाये तो कई प्रकार की खतरनाक स्‍वास्‍थ्‍य समस्याएं भी हो सकती हैं। शरीर में टेस्टोस्टे्रॉन का स्‍तर कम होने से डायबिटीज, दिल की बीमारियां, ऑस्टियोपोरोसिस,थकान, यौन इच्‍छा में कमी जैसी समस्‍यायें होने का खतरा रहता है। देखा जाये तो का स्‍तर अधिक उम्र के लोगो में कम होता है, परन्तु आज कल के अनियमित दिनचर्या और खानपान में लापरवाही के कारण बहुत से नौजवानों को भी इस समस्या से जूझना पड़ता है। सामान्‍य रक्‍त की जांच के द्वारा आसानी से टेस्टोस्टे्रॉन के स्‍तर का पता लगाया जा सकता है।

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टेस्टोस्टे्रॉन क्‍या है:

टेस्टोस्टे्रॉन एक प्रकार का हार्मोन है जो पुरुषों में उनके वृषण (testes) और एड्रेनल ग्लैंड द्वारा बड़ी मात्रा में बनाया जाता है। पुरुषों कि तुलना में महिलाओं में इस हार्मोन्स का कम उत्पादन होता है। टेस्टोस्टे्रॉन का उच्च स्तर यौनक्रिया, प्रजनन सम्बन्धी कार्यों, मांसपेशीय भार, बालों की वृद्धि, उत्तेजक और प्रतिस्पर्धी व्यवहार और अन्य इसी प्रकार की कई चीज़ों से सम्बंधित होता है। टेस्टोस्टे्रॉन का लेवल अधिकांशतः पुरुषों में 40 वर्ष की आयु के बाद हर साल एक प्रतिशत कम होने लगता है और 70 की उम्र तक लगभग आधी मात्रा में रह जाता है। जब कोई पुरुष चिड़चिड़ा या गुस्सैल व्यवहार करने लगता है तो लोग उसे उम्र बढ़ने की वजह मानने लगते है, जबकि यह लक्षण टेस्टोस्टे्रॉन की कमी के कारण उत्पन्न होते है।

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आइये जानते है कि टेस्टोस्टे्रॉन के कम होने के क्या संकेत होते है :

● टेस्टोस्टे्रॉन को यौन हार्मोन कहा जाता है, अतः यह बात साफ़ है कि यदि पुरुषों के शरीर में इसकी कमी हो जाती है, तब पुरुषों में सेक्स की इच्छा कम हो जाती है। इरेक्‍टाइल डिसफंक्‍शन की समस्‍या भी टेस्टोस्टे्रॉन के स्‍तर के कम होने कि वजह से हो सकती है।
● सामान्‍य दिनचर्या होने के वावजूद भी यदि आपको थकान रहती तो यह टेस्टोस्टे्रॉन की कमी का संकेत हो सकता है।
●इस होर्मोनेस की कमी से व्‍यक्ति को तनाव और अवसाद की समस्‍या रहती है। जिसकी वजह से व्यक्ति बहुत अधिक गुस्‍सा करता है और स्‍वभाव से चिड़चिड़ा हो जाता है।
● टेस्टोस्टे्रॉन का स्‍तर कम होने के कारण शरीर की मांसपेशियां और हड्डियां कमजोर होकर टूटने लगती हैं। जो हाथ, सीने और पैरों की मांसपेशियां में दर्द का कारण बन सकता है।

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रिपोर्ट: डॉ.हिमानी

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