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सत्रह सप्ताह की गर्भावस्था के दौरान आने वाले परिवर्तन

by Darshana Bhawsar
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गर्भवस्था 17वाँ सप्ताह बहुत ही अहम् होता है इसमें गर्भवती का माँ बनना पूर्णतः स्पष्ट हो जाता है। इस दौरान गर्भवती अपने दूसरे त्रैमासिक में प्रवेश करती हैं। पिछले हफ्तों की तुलना में अब  गर्भवती के शरीर में और शिशु में कई अन्य परिवर्तन दिखाई देने लगते हैं। अब ऐसा माना जाता है कि गर्भवती की जी मिचलाने की परेशानी के साथ ही साथ मॉर्निंग सिकनेस की समस्या भी कम हो गई होगी। अब गर्भवती को थकान भी पहले की तुलना में कम महसूस होनी चाहिए। अब गर्भाशय और बढ़ता जाएगा और शायद अपचन जैसी स्थितियों का भी सामना गर्भवती को करना पड़ता है। चलिए जानते हैं सत्रह सप्ताह की गर्भावस्था के दौरान आने वाले परिवर्तन के बारे में।

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गर्भावस्था के 17वें सप्ताह में शिशु का विकास:

इस सप्ताह में गर्भवती के पेट में पल रहा नन्हा मुन्ना स्तनपान की तैयारी करने लगता है और निगलने और चूसने के कौशल का शिशु में विकास होता है। शिशु के शरीर पर अब चर्बी बनना प्रारंभ हो जाती है एवं प्रसव के समय तक यह पूरा बन जाता है। साथ ही साथ  शिशु के दिल की धडकनें अव्यवस्थित नहीं रहती है अब शिशु के मस्तिष्क द्वारा यह नियंत्रित होकर लगभग 150 बार धड़कता है।

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सत्रह सप्ताह की गर्भावस्था के दौरान आने वाले परिवर्तन में यह एक विशेष परिवर्तन है। 17वें सप्ताह में शिशु की उंगलियों के निशान बनना प्रारंभ हो जाते है। इस सप्ताह के अंत में शिशु वर्निक्स में भी आच्छादित हो जाता है, यह एक सफेद पदार्थ होता है एवं इससे शिशु की त्वचा पर एक परत बनती है।

बच्चे का आकार

यह सवाल हर गर्भवती के मन में आता है कि उनके शिशु का आकार इस समय क्या है। सत्रह सप्ताह की गर्भावस्था के दौरान आने वाले परिवर्तन में यह भी शामिल है। शिशु इस दौरान एक शलजम के आकर का होता है। अन्य शब्दों में यह कह सकते हैं कि इस सप्ताह शिशु का आकार लगभग 150-175 ग्राम होता है और लगभग 5-6 इंच लंबा होता है कभी कभी इस आंकड़े में परिवर्तन संभव है। इस सप्ताह  शिशु पिछले सप्ताह की तुलना में तेजी से बढ़ रहा होता है। इस सप्ताह शिशु इतना बड़ा होता है कि वह आपके हाथ में अच्छी तरह समा जाये।

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सामान्य शारीरिक परिवर्तन:

सत्रह सप्ताह की गर्भावस्था के दौरान आने वाले परिवर्तन में यह भी शामिल है 17वें सप्ताह में गर्भवती कई प्रकार के शारीरिक परिवर्तन होते हैं। इस सप्ताह में गर्भवती को सुबह जी मिचलाना और उल्टी के से राहत मिलती। थकान भी इस दौरान कम महसूस होती है।

इस दौरान गर्भवती का पेट उभरा हुआ और सही स्थान पर होना बहुत आवश्यक है। वैसे तो, अलग-अलग महिलाओं के पेट का आकार एक जैसा नहीं होता है। गर्भावस्था के 17वें सप्ताह में कुछ नए विकास होते हैं जैसे कि गर्भवती इस दौरान अपने पेट के अंदर हलचल महसूस करती हैं यह शिशु के पेट में घूमने की हलचल होती है।

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17वें सप्ताह में गर्भावस्था के लक्षण:

सत्रह सप्ताह की गर्भावस्था के दौरान आने वाले परिवर्तन में कई चीज़ें शामिल है और इस दौरान कई अन्य लक्षण भी देखने के लिए मिलते हैं जैसे:

  1. इस दौरान गर्भवती का शरीर अपने शिशु के लिए अपने शरीर में जगह बनाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहा होता है, और इस ही वजह से गर्भवती को अपचन और छाती में जलन आदि महसूस हो सकता है।
  2. 17वें सप्ताह में गर्भवती को कब्ज़ और गैस की समस्या भी बढ़ने लगती है।
  3. हार्मोन में बदलाव की वजह से गर्भवती का मिजाज कई बार बदल जाता है तनाव भी महसूस होता है।

आब शिशु पहले से थोडा बड़ा हो जाता है इसलिए भी महिलाओं का वज़न बढ़ता है। वज़न बढ़ने के पीछे यही कहा जाता है कि जैसे जैसे शिशु बड़ा होगा गर्भवती का वजन भी बढेगा साथ ही इस दौरान महिलाओं को अब सुबह की मतली आना और उल्टी होना कम हो जाती है और भूख भी लगने लगती है। सत्रह सप्ताह की गर्भावस्था के दौरान आने वाले परिवर्तन में यह एक महत्वपूर्ण परिवर्तन है।

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सत्रह सप्ताह की गर्भावस्था के दौरान आने वाले परिवर्तन में सुझाव और देखभाल:

सत्रह सप्ताह की गर्भावस्था के दौरान आने वाले परिवर्तन में सबसे विशेष बात है कि, गर्भवती को स्वयं को मजबूत और खुश मिज़ाज रखना जरुरी है। चूंकि इस दौरान शिशु वही आहार लेता है जो आहार गर्भवती लेती और जो गर्भवती महसूस करती हैं वही शिशु भी महसूस करता है। और इसलिए ही कहा जाता है कि गर्भवती को स्वस्थ जीवन शैली अपनाना जरुरी होता है जिससे सफलतापूर्वक एवं आसानी से प्रसव तक का समय गुज़र सके।

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