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ओट्स यानि जौ का दलिया, जो बाजार में अलग-अलग तरह से कई फ्लेवर्स में पाया जाता है। अधिकांश लोगो का मानना है की सुबह के नाश्ते में ओट्स  का सेवन  सेहत के लिए लाभकारी होता है। इसके सेवन से  पेट भरने के साथ साथ  काम करने के लिए उचित मात्रा में  एनर्जी भी मिलती है। ओट्स को पानी की बजाय दूध में पकाकर खाने से हमारे शरीर को प्रोटीन भी मिलता है। साथ ही यह आसानी से पच भी जाता है।

जानते है ओट्स के सेवन से होने वाले फायदों के बारे में :

  • ओट्स में बीटा-ग्लूकॉन नामक शक्तिशाली फाइबर पाया जाता है जो कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कम करता है और हृदय को स्वस्थ रखता है। बीटा-ग्लूकॉन अच्छे कोलेस्ट्रॉल के स्तर को प्रभावित किए बिना शरीर से खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करता है। जिसकी वजह से हृदय रोगों से शरीर की सुरक्षा होती है।
  • ओट्स का सेवन वजन कम करने में काफी मददगार होता है  इसमें फाइबर उचित मात्रा में पाए जाते है जो की हमारे शरीर द्वारा काफी देर में पचाये जाते है जिसके कारण काफी देर तक हमको  भूख नहीं  लगती और आप बार बार खाना  खाने से बच जाते हो।
  • ओट्स पेट संबंधी रोगों में काफी लाभकारी होता  है। यह कब्ज को दूर कर, पेट खराब होने की समस्या से मुक्ति  दिलाता  है।
  • प्रतिदिन अपने नाश्ते या खाने में ओट्स को शामिल करने से डाइबिटीज की समस्या में लाभ होता है, क्योंकि यह इंसुलिन के स्तर को नियंत्रित रखने में सहायक होता है।
  • ओट्स में फाइबर और मैग्नीशियम उचित मात्रा में पाए जाते हैं जो मस्तिष्क में सेरोटोनिन की मात्रा बढ़ाने में मददगार होते हैं, जिससे मस्तिष्क शांत रहता है और हमारा मूड अच्छा रहता है, साथ ही इसके सेवन से नींद भी अच्‍छी आती है।
  • ओट्स में पाये जाने वाले फोटोकेमिकल कैंसर से लड़ने में सहायक होते हैं। एन्टेरोलैक्टोने नामक फोटोकेमिकल विशेष रुप से स्तन और अन्य हार्मोन से होने वाले कैंसर को रोकने में बहुत ही मददगार होते हैं।
  • ओट्स में पाया जाने वाला  बीटा-ग्लूकॉन इम्यूनिटी के स्तर को बढ़ाने में सहायक होता है। हमारे शरीर में पाए जाने वाली अधिकतर  प्रतिरक्षा कोशिकाएं विशेष रिसेप्टर का काम करती हैं जो बीटा-ग्लूकॉन को अवशोषित कर लेती हैं और व्हाइट ब्लड सेल को शरीर से बाहर कर  बीमारियों से बचाती है। ओट्स में अधिक मात्रा में सेलेनियम और जिंक पाया जाता है जो इंफेक्शन से लड़ने में मदद करता है। ओट्स में मौजूद बीटा-ग्लूकॉन घाव भरने में सहायक होता है और यह एंटीबायोटिक्स के असर को भी बेहतर बनाता है।

रिपोर्ट: डॉ.हिमानी