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देखा जाये तो भारत में ऊंटनी के दूध का उत्पाद कम ही देखने को मिलता है परन्तु कुछ ऐसे राज्य जहां ऊंट और ऊंटनी ही लोगो की जीविका का साधन हैं वहां कुछ मात्रा में ऊंटनी के दूध का उत्पादन दैनिक जीवन की पूर्ति के लिए किया जाता है। वैज्ञानिको द्वारा हुई नई रिसर्ज के अनुसार ऊंटनी का दूध डायबटीज  रोगियों के लिए बढ़ा ही लाभकारी सिद्ध होता है। ऊंटनी के दूध की अमेरिका सहित विश्‍व के कई देशों में काफी मांग है। सऊदी अरब में ऊंटनी का दूध बहुत लोकप्रिय है। यहां ऊंटनी के दूध को सफेद सोना भी कहा जाता है। एक ऊंटनी एक दिन में करीब सात लीटर दूध देती है। गाय के दूध के मुकाबले ऊंटनी के दूध में आधा फैट होता है। हेल्थ के लिहाज से ऊंटनी के दूध के कई फायदे हैं।

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ऊंटनी का दूध डायबिटीज से जूझ रहे रोगियों के लिए अमृत सावित होता है। ऊंटनी का दूध डायबिटीज के मरीजों के लिए वरदान इसलिए होता है, क्योकि इसके दूध में इन्सुलिन कि बहुत अधिक मात्रा पायी जाती है जो की टाइप 2 डायबिटीज के मरीजों के लिए बहुत ही लाभकारी होता है। क्योकि ऐसे व्यक्ति अधिकांश रूप से इन्सुलिन के इंजेक्शन्स पर ही निर्भर करते है।

अतः ऊंटनी के दूध  में पाया जाने वाला  इन्सुलिन अगर सही प्रकार से काम करता है तो ऐसी अवस्था में एक निश्चित मात्रा में और निश्चित समय अंतराल पर ऊंटनी के दूध का सेवन ऐसे व्यक्तियों के लिए बहुत ही  लाभकारी होता है जिसमें ब्लड ग्लूकोज़ लेवल कम और ज्यादा होता रहता है।

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इसके अतिरिक्त ऊंटनी के दूध में कैल्शियम, विटामिन B और C बहुत अधिक मात्रा में पाए जाते है। इसमें लौह तत्व गाय के दूध की अपेक्षा दस गुना अधिक होते है। इसके अतिरिक्त ऊंटनी के दूध में रोग प्रतिकारक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते है जो कि कैंसर, ऐचआईवी एड्स, अल्ज़ाइमर्स और हैपेटाइटिस C जैसे रोगों से लड़ने की क्षमता प्रदान कराते है।  अतः हम कह सकते है कि ऊंटनी का दूध डायबिटीज के मरीजों के लिए बहुत ही लाभकारी है।

रिपोर्ट: डॉ.हिमानी