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cancer treatment

देश में कैंसर से मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। इंडिया काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के नेशनल कैंसर रजिस्ट्री प्रोग्राम के अनुसार भारत में हर रोज 1300 लोग कैंसर से मर रहे है। सभी देशो के एक्सपर्ट्स द्वारा एक ऐसे फल को सराहा गया है जिसका उपयोग कैंसर जैसे बीमारी को दूर करने में किया जाता है और इसके उपयोग से काफी हद तक कैंसर का इलाज किया जा सकता है।

कई फार्मासूटिकल्स कम्पनीज कैंसर के लिए दवाएं बनाने में इस फल का उपयोग करती हैं। शोधों द्वारा यह पाया गया की यह फल कैंसर से जुड़े सभी प्रकार के इलाजों में 10,000 टाइम्स अधिक असरदार है। इस चमत्कारी फल का नाम है रामफल।

बहुत सारे विदेशी अध्ययनों से ये बात साबित हुई है के रामफल जिसको वैज्ञानिक भाषा में ग्राविओला या एनोना रेटिकोलाटा भी कहा जाता है , कैंसर के मरीजों के लिए एक वरदान का काम करता है। The National Cancer Institute ने इस पौधे के पत्तों और स्टेमस का निरिक्षण किया है जिसमें उन्होंने पाया है कि यह पौधा कैंसर की घातक कोशिकाओं को नष्ट करने में बहुत फायदेमंद है।

दक्षिण कोरिया के कैथोलिक विश्वविद्यालय में हाल ही में  किए गए एक अध्ययन में पाया गया की  के ग्राविओला बीज से निकाले गए रसायन से स्तन और पेट के कैंसर की कोशिकाओं को मारने के लिए  प्रभावी दवा बनाई  जा सकती है।  ये दवा ठीक उस प्रकार काम करती है जैसे की कीमोथेरेपी में दी जाने वाली cytotoxicity और Adriamycin दवाएं काम करती है। अध्ययन में यह भी पाया गया की  रामफल शरीर की छः की छः सेल्स लाइन्स तक कैंसर के सेल्स को खत्म कर देता है। मुख्यता यह prostate और pancreatic सेल्स पर बहुत कारगार पाया गया।

सबसे महत्वपूर्ण बात इन सभी अध्ययनों में निकल कर यह आई है कि अभी तक इस का कोई भी नकारात्मक प्रभाव किसी पर नहीं देखा गया है , चाहे इसकी अधिक मात्रा ही दी गयी हो | इस फल को कच्चा भी खा सकते है।

रिपोर्ट: डॉ.हिमानी