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डिप्रेशन में इन बातों का ध्यान रखें

by Darshana Bhawsar
depression

अवसाद या डिप्रेशन बहुत ही गंभीर बीमारी हैं क्योंकि जब डिप्रेशन विकराल रूप ले लेता है तो इससे दिमागी संतुलन पूर्ण रूप से बिगड़ जाता है। अत्यधिक महत्वकांशा और उसके पूरा न होने पर भी अवसाद उत्पन्न होता है। अवसाद के चलते कई लोग आत्महत्या जैसे कदम भी उठा लेते हैं। अगर आपके आस पास कोई ऐसा व्यक्ति है जिसे अवसाद या डिप्रेशन है तो उसका ध्यान रखना बहुत आवश्यक है। अवसाद को उत्पन्न होने के पहले भी रोका जा सकता है लेकिन अगर अवसाद या डिप्रेशन के शिकार आप हो चुके हैं तो इस स्थिति में ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है।

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  • समय रहते तनाव को रोकना क्यों आवश्यक है:

तनाव ही वह तत्व है जिसके कारण अवसाद या डिप्रेशन उत्पन्न हो जाता है। इसका मतलब यह है कि अगर तनाव को ही रोक दिया जाये तो डिप्रेशन होगा ही नहीं। इसलिए कहा जाता है कि तनाव को रोकना बहुत ही आवश्यक है। और भी कई अन्य कारण है जो ये दर्शाते हैं कि तनाव को क्यों रोका जाये।

  • डिप्रेशन को रोकने के लिए:

तनाव को रोकने का सबसे पहला और बड़ा कारण यह है कि इससे आप डिप्रेशन को होने से पहले ही रोक सकते हैं। इसलिए तनाव को दिमाग पर हावी न होने दे और किसी भी परिस्थिति में खुश रहे। ऐसा करने से तनाव नहीं होगा।

  • एक अच्छी जीवन शैली के लिए:

तनाव युक्त व्यक्ति कभी भी एक अच्छी जीवनशैली नहीं जी सकता। क्योंकि तनाव के कारण कई ऐसी परेशानियाँ उत्पन्न हो जाती हैं जिसके कारण व्यक्ति हर समय चिडचिडापन महसूस करता है। और व्यक्ति का चिडचिडापन गुस्से में बाहर निकलता है। कई बार ये गुस्सा लड़ाई और झगडे का कारण भी बन जाता है। इसलिए तनाव को रोकना जरुरी है।

  • दिमाग की शांति के लिए:

इस दुनिया में हर व्यक्ति के जीवन में कई परेशनियाँ हैं और वह परेशानियाँ तनाव का कारण भी हैं। लेकिन अगर तनाव पर नियंत्रण कर लिया जाये तो दिमाग शांत रहेगा और हर परेशानी से बाहर निकलना बहुत ही आसन हो जायेगा। इसलिए हमेशा इस बात का ध्यान रखना जरुरी है कि तनाव से दूर रहा जाये, जिससे दिमाग की शांति कायम रहे।

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ये कुछ ऐसी वजह हैं जो यह दर्शाती हैं कि आखिर तनाव को दूर रखना क्यों जरुरी है। ये कुछ मुख्य कारण थे। अगर इन पर समय रहते काबू पा लिया जाये तो जीवन में कई समस्याओं का समाधान आसान हो जायेगा। अब बात आती है कि अगर आप या आपका कोई करीबी डिप्रेशन में हैं तो आपको कौन-कौन से बातों का ध्यान रखना चाहिए।

  • डिप्रेशन में रखें इन विशेष बातों का ध्यान:
  • दिमाग पर जोर न दें:

डिप्रेशन को दूर रखने के लिए सबसे पहला नियम है कि ऐसी बातों पर बिल्कुल भी ध्यान न दें जिनसे आपके दिमाग पर जोर पड़ता है या जिन बातों से आपका दिमाग परेशानी महसूस करता है। क्योंकि डिप्रेशन का समय वह समय होता है जब दिमाग को शांति और ख़ुशी की आवश्यकता है।

  • खुश रहने का करें प्रयास:

किसी को इस बात की सलाह देना कि खुश रहे वो आसान है लेकिन डिप्रेशन में खुश रहना एक चुनौती जैसा ही है। इसलिए खुश रहने का प्रयास करें। ख़ुशी वह जादू है जो किसी भी दुःख को भुलाने में मदद करता है और जिससे किसी भी प्रकार की समस्या को हल किया जा सकता है।

  • दोस्तों के साथ समय बिताएं:

डिप्रेशन वाले व्यक्ति को कभी भी अकेला नहीं छोड़ना चाहिए या रहना चाहिए, क्योंकि डिप्रेशन वाले व्यक्ति के दिमाग में हमेशा स्वयं को नुकसान पहुँचाने वाली बातें घर करती हैं। इसलिए अगर डिप्रेशन वाला व्यक्ति दोस्तों के साथ रहे या समय बिताये तो वह ख़ुशी महसूस करेगा और अगर वह नियमित ऐसा करता है तो कुछ दिनों में वह डिप्रेशन से बाहर भी आ सकता है।

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  • घुमने जायें:

घूमना और कई लोगों से मिलना व्यक्ति के लिए बहुत ही जरुरी है क्योंकि इससे वातावरण और जलवायु परिवर्तित होती है। जो व्यक्ति को आन्तरिक रूप से ख़ुशी पहुँचाने में सहायक होती है। इसलिए डिप्रेशन वाले व्यक्ति को हमेशा स्थान परिवर्तन की सलाह दी जाती है।

  • पसंद का खाना:

कई लोग ये सोच रहे होंगे कि डिप्रेशन का खाने से क्या सम्बन्ध है। लेकिन डिप्रेशन का खाने से बहुत ही बड़ा सम्बन्ध है। अगर व्यक्ति पसंद का खाना खाता है तो उसे दिमागी रूप से शांति मिलती है और इससे व्यक्ति खुश रहता है।

  • म्यूजिक:

म्यूजिक को कई बार एक थेरेपी के रूप में परिभाषित किया गया है। यह एक ऐसी थेरेपी होती है जिसमें व्यक्ति अपने पसंद का म्यूजिक सुन कर अच्छा महसूस करता है। और व्यक्ति कई बार साथ में गुनगुनाता भी है। इससे व्यक्ति आन्तरिक रूप से ख़ुशी का अनुभव करता है। यह थेरेपी अवसाद को दूर करने में पूर्ण रूप से सहायक है। साथ ही म्यूजिक थेरेपी अच्छी नींद दिलाने में भी सहायक है।

इस तरह से अवसाद से जूझ रहे व्यक्ति को खुश रखा जा सकता है और उसका ध्यान रखा जा सकता है। अब बात आती है कि जब व्यक्ति में अवसाद उत्प्पन होता है तो इसके बारे में कैसे पता चलता है।

  • डिप्रेशन के सामान्य लक्षण:
  • नींद में बदलाब आना।
  • भूख कम या ज्यादा लगना।
  • अपराध करने की भावना उत्पन्न होना।
  • अचानक वजन घटना या बढ़ना।
  • अत्यधिक उदास रहना।
  • थकान महसूस होना।
  • भीड़ से भागना।
  • मन का एकाग्र न होना।
  • चिडचिडापन और अत्यधिक गुस्सा आना।
  • आत्महत्या की कोशिश करना।
  • मन में डर होना।

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अगर इस तरह के कोई भी लक्षण किसी व्यक्ति में दिखाई देते हैं तो वह डिप्रेशन के बहुत करीब है या वह डिप्रेशन में आ चुका है। इसके लिए व्यक्ति को किसी मनोचिकित्सक से जाँच करवाना जरुरी होता है। डिप्रेशन का एक बहुत ही अच्छा इलाज है योग और मैडिटेशन। योग और मैडिटेशन से कई लोग डिप्रेशन से बाहर निकलने में समर्थ हुए हैं। इसलिए अगर डिप्रेशन वाले व्यक्ति को रोज मैडिटेशन और योग करवाया जाये तो उसमें एक सकारात्मक उर्जा का प्रवाह होता है और साथ ही उसमें जीने की चाह उत्पन्न होती है।

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