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महानगरों में कॉफ़ी का सेवन मध्‍यम व उच्‍च वर्गीय घरों में बहुत ही आम हो गया है। कुछ लोगो के लिए तो यह  ‘बिन कॉफी सब सून’ कहावत बिलकुल ठीक बैठती है। देखा जाये तो किसी भी चीज की अति ठीक नहीं होती है। कॉफी में कैफीन के अलावा बहुत से एंटीऑक्सीडेंट्स, विटामिन्स और मिनरल्स उचित मात्रा में पाए जाते हैं। अतः चित मात्रा में इसका सेवन लाभकारी होता है  परन्तु अधिक मात्रा में इसका सेवन हमारे शरीर पर नकारत्मक प्रभाव बह दाल सकते हैं । रिसर्च के अनुसार जो लोग हर दिन 7 कप कॉफी पीते हैं, वे वास्तव में लगभग 500 मिलिग्राम कैफीन का सेवन करते है। जो की 6 कप स्ट्रांग चाय के बराबर है और 9 कोला के बराबर।

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कॉफ़ी में लगभग 1,000 एक्टिव कंपाउंड्स होते है जो की  उत्तेजक पदार्थ के रूप में जाने जाते है। रोज बहुत अधिक मात्रा में कॉफ़ी के सेवन (7 कप से अधिक या 500 मिलीग्राम) से महिलाओं में पहली pregnancies के देर से होने की सम्भावना हो सकती है। ऐसा fallopian नली के muscles में होने वाले अनुचित गतिविधि के कारण होता है जो की uterus में अंडो के निषेचन और भ्रूण परिवहन को रोकता है। रिसर्च के अनुसार दिन में कुछ कप से अधिक कॉफ़ी या कैफीन का सेवन किसी और रूप में करने से गर्भपात का खतरा बढ़ जाता है। कैफीन प्लेसेंटा को पार कर के भ्रूण के विकास को रोकता है। इस रिसर्च के अनुसार 200 मिलीग्राम से अधिक कैफीन के सेवन से गर्भपात होने के सम्भावना दो गुनी हो जाती है।

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अधिक कैफीन का उपयोग महिलाओं के साथ साथ पुरुषो की प्रजनन प्रणाली पर भी बुरा प्रभाव डालता है। रिसर्च के अनुसार अधिक कैफीन का सेवन पुरुषों में शुक्राणु बनने की दर को कम करता है। जो पुरुष  265 मिलीग्राम या इससे अधिक कैफीन का सेवन करते है, उनमे पिता बनने की क्षमता कम हो सकती है। अतः महिलाओं को अपने साथ साथ अपने पुरुष साथी को भी अधिक कॉफ़ी के सेवन से बचाना चाहिए। क्योकि स्वस्थ प्रजनन प्रणाली तथा हेल्दी लाइफ स्टाइल के लिए उचित मात्रा में ही कैफीन का सेवन ठीक है।

रिपोर्ट: डॉ. हिमानी