Home प्रेगनेंसी & पेरेंटिंग अगर गर्भधारण करना चाहती हैं तो अपने ओव्यूलेशन के सही समय को जानें

अगर गर्भधारण करना चाहती हैं तो अपने ओव्यूलेशन के सही समय को जानें

by Healthnews24seven Desk
pregnancy during ovulation

बहुत सी महिलाओं को गर्भधारण करने के लिए बहुत सी दिक्क्तों का सामना करना पड़ता हैं।  गर्भधारण के लिए वह डॉक्टर्स से लेकर हकीमों तक के हजारों चककर काटती हैं।  अतः ऐसी महिलाओं को जिनको  गर्भधारण करने में  मुश्किल का सामना करना पड़ रहा हो, उनके लिए ओव्यूलेशन के बारें में जानना बहुत ही आवश्यक होता है।  महिलाओं में ओव्यूलेशन के  समय में गर्भवती होने की सम्भावना सबसे ज्यादा रहती है। इस समय अंतराल को स्त्री का फर्टाइल स्टेज कहा जाता  हैं। इस समय यौन सम्बन्ध बनाने से स्त्री के गर्भधारण करने की सम्भावना बहुत बढ़ जाती है।

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आइये जानते है किस विषयों की सही जानकारी लेकर आप अपने गर्भधारण को आसान बना सकती हैं :

ओव्यूलेशन क्या है :

ओवरी से अण्डे के बाहर आने की क्रिया को ओवुलेशन कहते हैं। महिलाओं के मासिक चक्र के दौरान यह प्रक्रिया हर महीने होती है। महिलाओं में  पीरियड शुरू होने के 12वें से 16वें दिन यह क्रिया होती है। लेकिन जिन महिलाओं में रेगुलर पीरियड नही होता है उनमें ओवुलेशन का समय अलग होता है।  ओवुलेशन के समय ओवरी में अण्डे मेच्‍योर होकर, फैलोपियन ट्यूब में रुककर निषेचित होने के लिए शुक्राणु की प्रतीक्षा करते हैं और वहां यदि शुक्राणु  उपस्थित होते हैं तो निषेचित होकर फैलोपियन ट्यूब से होते हुए यूटरस की तरफ आते हैं। अतः आप अपने ओवुलेशन के सही  समय को जानकर आसानी से गर्वधारण कर सकती हैं।

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ओव्यूलेशन फेज में होने वाले परिवर्तन को जाने :

  • जिन महिलाओं का मासिक चक्र रेगुलर होता है अथार्त जिनका मासिक चक्र पूरे 28 दिन का होता है तो उनमें ओवुलेशन की प्रक्रिया का  समय 12वें से 16वें दिन में होता है।
  • जिन महिलाओं में रेगुलर पीरियड नही होता है उनमें यह क्रिया अनिश्चित होती है। मासिक चक्र डिस्‍टर्ब होने के साथ ही ओवुलेशन का समय भी बदल जाता है।
  • ओवुलेशन का पता लगाने के लिए 12वें और 16वें दिनों के बीच के संकेतों को समझें।
  • ओवुलेशन प्रक्रिया के दौरान योनि स्राव अन्‍य दिनों की तुलना में ज्‍यादा चिकनाईयुक्‍त  प्रतीत होता है।
  • ओवुलेशन प्रक्रिया के दौरान अन्य दिनों की तुलना में शरीर का तापमान बढ़ जाता है।
  • ओवुलेशन प्रक्रिया के दौरान यौन संबंध बनाने की प्रबल इच्‍छा होती है।
  • इस प्रक्रिया के दौरान स्तन ज्‍यादा संवेदनशील हो जाते हैं।

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यौन संबंध बनाने का सही समय जाने: ओव्यूलेशन के दौरान यौन संबंध बनाने से गर्भधारण करने की संभावना काफी हद तक बढ़ जाती है। महिलाओं के सभी दिन फर्टाइल नहीं होते हैं। महिलाओं के शरीर में  3 दिन तक पुरुष  के  शुक्राणु सक्रिय रह सकते हैं। जबकि महिलाओं का  अंडा केवल 24 घंटे तक जीवित रह सकता है। अतः ओव्यूलेशन के 3 दिन पहले यौन संबंध बनाने से गर्भधारण की संभावना ज्यादा बढ़ जाती है।

रिपोर्ट: डॉ.हिमानी

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