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बहुत से लोग खर्राटों की समस्या से परेशान रहते हैं। जिसकी वजह से उन्हें कई बार शर्मिन्दगी का भी सामना करना पड़ता है। अधिकांश लोग खर्राटों को एक सामान्य शारीरिक क्रिया मानकर नजरअंदाज कर देते हैं लेकिन यह  समस्या कई गंभीर रोगों को जन्म दे सकती है। भी ऐसी ही एक समस्या है जिसमें सोते समय व्यक्ति के नाक में हवा का बहाव कम हो जाता है। जिसकी वजह से सोते समय नाक से सिटी जैसी आवाज आने लगती है। स्लीप एप्निया आज कल  एक आम समस्या बन  गयी है इस बीमारी में कई बार सोते समय मनुष्य की सांस की नली आंशिक या पूरी तरह से block हो जाती है। जिसकी वजह से वह सही से सांस नहीं ले पाता है। लगभग 5% पुरुष और 3% महिलाये स्लीप एप्निया से पीड़ित होती हैं। यह बीमारी  ज्यादातर 40 साल से ऊपर के लोगों में अधिक पाई जाती है। लेकिन कम उम्र में भी इसके मरीज देखे जाते हैं। समय के साथ नींद पूरी न होने की वज़ह से दिल के रोगों का ख़तरा बढ़ सकता है। नींद की कमी से हाई कोलेस्ट्रोल, हाई ट्राइग्लिसेराइड्स और हाई ब्लड प्रेशर जैसी कई दिल से जुडी समस्याएं हो सकती हैं।

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बीमारी के कारण :

स्लीप एप्निया नाक की हड्डी के बढ़ने, जीभ का मोटा होना, टॉन्सिाल के होने जैसी समस्याओं के कारण हो सकता है। स्लीप एप्निया में श्वासनली के संकीर्ण या पूरी तरह से बंद हो जाने से मनुष्य की  थोड़ी ही देर में नींद खुल जाती है, जिसे एराउजल  कहा जाता है। नींद  में पॉज को  apnea  कहते है, जो कुछ seconds से लेकर कई minutes तक का हो सकता है। यह 1 घंटे में  4 से  5 बार भी  तक हो सकता है।

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बीमारी के लक्षण:

  • सुबह उठने के बाद सिर में दर्द होना।
  • एकाग्र न हो पाना।
  • वजन का बढ़ना।
  • सोते समय तेज खर्राटे आना।
  • नींद में बेचैनी महसूस करना।
  • चिड़चिड़ापन रहना।
  • बार बार पेशाब जाना।
  • जागते समय गले में हर समय सूखापन रहना या पीड़ा का अनुभव करना।
  • साँस की कमी।
  • धूम्रपान और शराब का प्रयोग।
  • नींद ना आना या सोते समय बार बार जागना।
  • सोते समय पसीना आना और सीने में दर्द महसूस करना।
  • भरपूर नींद के बाद भी सुस्त और थका हुआ महसूस होना।
  • याददाश्त कमजोर होना।

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रिपोर्ट: डॉ. हिमानी