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प्रेग्नेंसी के दौरान डिप्रेशन से किस प्रकार करें बचाव

by Mahima
depression during pregnancy

प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं में डिप्रेशन होने की सम्भावना अधिक रहती है परन्तु बहुत सी महिलाएं शर्म के मारे डिप्रेशन का इलाज नहीं कराती हैं और उन्हें लगता है यह लक्षण प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाले लक्षणों जैसे ही हैं, जो कुछ समय बाद चले जाते हैं। लेकिन स्टडी के मुताबिक अगर डिप्रेशन का इलाज ना किया जाए तो इससे अनेकों समस्याएं होने का खतरा बढ़ जाता  है।

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आइए जानते हैं किस प्रकार गर्भावस्थान के दौरान महिलाये डिप्रेशन से दूर रह सकती है :

पैरों को ऊपर करें:

गर्भावस्‍था के समय एक्‍सरसाइज नहीं करनी चाहिए। तनाव से बचने के लिए, बिस्तर पर लेट कर पैरों को थोड़ी ऊंची वस्तु (तकिये) पर रखे, इससे रक्त वहाव अच्छा होगा और तनाव भी कम होगा।

 थोड़ी थोड़ी देर कि नींद लें:

गर्भावस्‍था के दौरान छोटी छोटी नींद अवश्‍य लें, इससे पूरा दिन आप अच्‍छा महसूस करेंगी और तनावमुक्‍त रहेंगी जिससे आपका मूड भी सही रहेगा। खाना खाने के बाद नींद लेना सबसे अच्‍छा रहता है।

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 पार्क में टहलें:

शाम के समय पार्क में कम से कम आधे घंटे तक अवश्य टहले जो कि आपको खुली हवा के संपर्क में लाकर आपको ताजी ऑक्सीजन प्रदान करेगा, जिससे आपका मूड अच्छा रहेगा।

एक्यूपंक्चर का प्रयोग करके:

माना जाता है की एक्यूपंक्चर से आप अनेक प्रकार के शाररिक और मानसिक बीमारियों को दूर भगा सकते है। गर्भावस्था के दौरान आप एक्यूपंक्चर द्वारा कोई भी नुकसान हुए बिना डिप्रेशन का इलाज कर सकते है। लेकिन इसके लिए हमेशा अनुभवी थेरेपिस्ट से ही संपर्क करें,  और अपने डॉक्टर से परामर्श ले लें।

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स्य्कोथेरेपी :

स्य्कोथेरेपी से आप अपने गर्भावस्था के समय होने वाले डिप्रेशन का इलाज बिना दवाओं के सेवन किये बिना कर सकती है। स्य्कोथेरेपी माँ को साइकोलॉजी के द्वारा गर्भावस्था का उज्ज्वल भाग दिखाती है और उन्हें अच्छा महसूस करवाती है। जिसकी मदद से रोगी बहुत जल्दी ठीक होता है। परन्तु स्य्कोथेरेपी को अपनाने से पहले  अपने डॉक्टर से अवश्य परामर्श कर लें।

सेरोटोनिन री-अपटेक इनहिबिटर का प्रयोग करें :

आज कल गायनेकोलॉजिस्ट  द्वारा सेरोटोनिन री-अपटेक इनहिबिटर का प्रयोग महिलाओ में गर्वावस्था के दौरान होने  बाले डिप्रेशन को दूर करने में काफी हद तक किया जाने लगा है। क्यूंकि क्लिनिकल रिसर्च के अनुसार यह दवाई बच्चे को कोई हानि नहीं पहुँचाती और साथ ही गर्भपात का भी खतरा नहीं होता है।

सही आहार चुने:

अगर आप गर्भावस्था के दौरान डिप्रेशन से गुज़र रही है तो आपको अपने आहार पर ध्यान देने कि बहुत अधिक आवश्कता होती है। रिसर्च के अनुसार अगर आप अधिक मीठा या कार्बोहाइड्रेट्स वाला खाना खाती है तो इसका असर सीधा आपके ब्लड शुगर लेवल पर पड़ता है जिसकी वजह से डिप्रेशन हो सकता है। ऐसी अवस्था में शराब और कैफीन से दूर रहे। रिसर्च के अनुसार आहार में कम प्रोटीन भी आपको डिप्रेशन का शिकार बना सकती है। इसलिए भोजन में प्रोटीन से भरपूर पदार्थो का सेवन करें। लीन मीट, अंडा, फिश, यह सब प्रोटीन से भरपूर है और इनसे आप अपने डिप्रेशन को सुधार सकती है। अनाज , पालक, बीन्स, यह सब पदार्थ आपके मूड को अच्छा करते है क्यूंकि इनमे विटामिन और मिनरल उचित मात्रा में होते है , जिसकी वजह से आपके मस्तिष्क में  सेरोटोनिन की मात्रा बढ़ती है जो कि आपको डिप्रेशन से बचाती है।

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 आहार में ज्यादा ओमेगा 3 फैटी एसिड मिलाये:

रिसर्च से यह बात सामने आई है की गर्भावस्था में महिलाओ को डिप्रेशन से बचने के लिए आहार में ओमेगा 3 फैटी एसिड को मिला कर खाना काफी फायदेमंद होता है। इसलिए अपने आहार में फैटी फिश, बीज और नट्स मिलाना ना भूलें क्यूंकि इनमे ओमेगा 3 फैटी एसिड भरपूर मात्रा में पाया जाता है। बेहतर परिणाम के लिए आप चाहे तो ओमेगा 3 फैटी एसिड सप्लीमेंट का उपयोग कर सकती है।

रिपोर्ट: डॉ.हिमानी

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