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toothpaste

छोटे बच्चों के दांत निकलने के बाद उनकी सही देखभाल बहुत जरुरी हो जाती है। दांतो की सफाई ब्रश द्वारा करना देखभाल की पहली सीढ़ी होती है। परन्तु किस प्रकार के टूथब्रश का प्रयोग बच्चों के लिए उचित है इसका ज्ञान होना भी बहुत आवश्यक है क्योकि अधिकाशतः देखा गया है कि घरों में बच्चों को उसी टूथपेस्ट से ब्रश करवाया जाता है, जिससे घर के बड़े सदस्य करते हैं। ऐसा करना बिलकुल भी सही नहीं होता है क्योकि बच्चों का टूथपेस्ट अलग होता है। बच्चों के लिए 500 पीपीएम फ्लोरोइड का टूथपेस्ट आता है। 12 वर्ष तक के बच्चों के दांत इसी पेस्ट से साफ कराने चाहिए। बड़ों का ज्यादा फ्लोरोइड वाला टूथपेस्ट बच्चों के दांतों को नुकसान पहुंचाता है।

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आइये जानते है बच्चों के टूथपेस्ट का चुनाव करते समय किन विशेष बातों का ध्यान रखना चाहिए।

  • टूथपेस्ट का स्वाद: अधिकांशतः आपने देखा होगा कि बच्चे ब्रश नहीं करना चाहते इसकी वजह टूथपेस्ट का स्वाद भी हो सकता है कई बार टूथपेस्ट का स्वाद बच्चों को पसंद नहीं आता है जिसकी वजह से वह ब्रश करने में आना कानी करते हैं। अधिकांश टूथपेस्ट मिंट, लौंग जैसे ठंडे फ्लेवर वाले होते है। जिसके लिए छोटे बच्चों के दांत सेंसिटिव होते हैं इसलिए उन्हें इसका स्वाद नहीं अच्छा लगता है। छोटे बच्चे मीठे स्वाद को पसंद करते हैं अतः इस बात को ध्यान रखते हुए बाजार में छोटे बच्चों के लिए विशेष फलों के टेस्ट वाले टूथपेस्ट उपलब्ध होते हैं। अतः शुरुआत में बच्चों को फलों के स्वाद वाले टूथपेस्ट का ही प्रयोग करना वेहतर विकल्प रहता है।
  • फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट का इस्तेमाल : फ्लोराइड एक प्रकार का मिनरल होता है जो बच्चों के दांतों को मज़बूत बनाता है। क्योंकि शुरुआत में आने वाले दूध के दांत कमज़ोर और नाज़ुक होते हैं। फ्लोराइड दांतों के इनेमल को मजबूती प्रदान कराता है जो क्षय के जोखिम को कम करता है। परन्तु इस बात का ध्यान रखना आवशयक होता है कि बच्चा फ्लोराइडयुक्त टूथपेस्ट को खा तो नहीं रखा क्योकि यह फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट छोटे बच्चो को नुक्सान पंहुचा सकता है।
  • कम फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट का प्रयोग : बहुत अधिक फ्लोराइड के प्रयोग से भी बच्चों के दांतों का क्षय हो सकता है। इसलिए बच्चों के लिेए कम फ्लोराइड वाले टूथपेस्ट का चयन करना ही उचित होता है। आप टूथपेस्ट के बॉक्स पर फ्लोराइड की मात्रा देख कर भी उसका चयन कर सकते हैं।

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रिपोर्ट: डॉ.हिमानी