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Typhoid Fever

टाइफाइड बुखार साल्मोनेला टाइफी बैक्टीरिया  द्वारा मानव शरीर में पहुंचाया जाता है। इस जीवाणु संक्रमण की वजह से रोगी को हाई फीवर और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। यह बुखार कम-ज्यादा होता रहता है, लेकिन कभी सामान्य नहीं होता। टाइफाइड का इन्फेक्शन होने के एक सप्ताह बाद रोग के लक्षण नजर आने लगते हैं।

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टाइफाइड के बुखार से बचने के लिए अनेकों घरेलू उपायों को अपनाया जा सकता है :

  • अदरक : लहसुन में एंटीऑक्सिडेंट होते हैं जो कि रक्त को प्यूरीफाई करने का काम करता है।  इसके साथ ही  लहसुन किडनी से अवांछित पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है। कच्चे  लहसुन का  नियमित सेवन करने से टाइफाइड बुखार से पीड़ित व्यक्ति की प्रतिरक्षा को अधिक बढ़ावा मिलता है और रोगी जल्दी सही होता है।
  • प्याज का रस: इस बुखार में प्याज का रस पीने से बुखार जल्दी ठीक होता है और शरीर से बैक्टीरिया भी खत्म हो जाते हैं। इसलिए टाइफाइड होने पर मरीज को नियमित रूप से दिन में कम से कम 2 बार प्याज का रस पिलाएं। बुखार सही करने के साथ ही प्याज का रस पेट का दर्द और कब्ज भी सही करता है।
  • पका केला : एक पके हुए केले को पीस कर उसमें 1 चम्मच शहद मिलाकर दिन में दो बार नियमित रूप से खाने से टाइफाइड बुखार जल्दी ठीक हो जाता है।
  • तुलसी और सूरजमुखी के पत्तों का रस : तुलसी और सूरजमुखी के पत्तों का रस पीने से भी टायफायड बुखार जल्दी ठीक हो जाता है। इस रस को सुबह नियमित रूप से पीने से यह अधिक फायदेमंद साबित  होता है।
  • सेब का सिरका : सेब के सिरके में अम्लीय गुण होने के कारण यह टायफाइड से पीड़ित व्यक्ति के शरीर से गर्मी निकालने में बहुत ही लाभकारी सिद्ध होता है। साथ ही यदि  रोगी दस्‍त से पीड़ित हो तो,  ऐसे में सेब का सिरका उसके शरीर में पानी की कमी को पूरा करता है और टायफाइड  बुखार को जल्दी ही ठीक करता है।

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रिपोर्ट: डॉ.हिमानी