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जानिए चौथे महीने में कैसे होता है शिशु का विकास

by Darshana Bhawsar
Published: Last Updated on
fourth month pregnancy

गर्भावस्था का तीसरा महिना खत्म होता है तो गर्भवती को कुछ समस्याओं से निजात मिल जाता है जैसे जी-मिचलाना या उल्टी आना जैसी परेशानियाँ पहले के मुकाबले में थोड़ी कम हो जाती हैं। और अब दूसरी तिमाही आ जाती है जिसे गर्भवती के लिए हैप्पी सीजन के नाम से जाना जाता है। यहाँ हम जानेंगे चौथे महीने में कैसे होता  है शिशु का विकास

चौथे महीने में कैसे होता है शिशु का विकास:

गर्भावस्था के चौथे महीने में प्रवेश करते हुए कुछ परेशानियाँ कम होने लगती हैं जैसे कि जी मिचलाना, उल्टी आना, चक्कर आना इत्यादि कम होने लगता हैं।  लेकिन इस दौरान गर्भवती को अपनी सेहत पर विशेष ध्यान रखना होता है।

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चौथे महीने के लक्षणों की अगर बात की जाये तो इस दौरान नीचे दिए गए निम्न लक्षण देखने को मिलते हैं :

सीने में जलन (हर्टबर्न):

गर्भावस्था के चौथे महीने में भी गर्भवती को सीने में जलन होती है। ऐसा गर्भावस्था के दौरान परिवर्तित होने वाले हार्मोन के कारण होता है। चौथे महीने में कैसे होता है शिशु का विकास की अगर बात करें तो शिशु के विकास के साथ ही साथ गर्भवती का सीने में जलन होना भी संभव है और स्वाभाविक है।

भूख बढ़ जाना:

चौथ महीने में गर्भवती को भूख ठीक से लगना प्रारंभ हो जाती है। इस दौरान गर्भवती को थोड थोडा खाना खाने की आदत हो जाती है। भूख बढ़ने के साथ ही साथ गर्भवती का वजन भी बढ़ने लगता है और वजन बढ़ने का दूसरा कारण शिशु का विकास भी होता है।

अपच:

गर्भावस्था के चौथे महीने के दौरान गर्भवती को अपच की समस्या ज्यादा होती है यहाँ तक कि यह समस्या कभी-कभी डिलीवरी तक बनी रहती है। इस दौरान गर्भवती को कब्ज की समस्या का भी सामना करना पड़ता है जो कभी कभी गर्भवती को परेशान कर देती है।

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गर्भावस्था के चौथा महीने में बच्चे का विकास और आकार:

जैसे-जैसे गर्भावस्था का समय आगे निकलता जाता है वैसे वैसे शिशु की हलचल को गर्भवती महसूस करने लगती हैं। गर्भावस्था के चौथे महीने में गर्भवती को पहली बार अपने शिशु की हलचल का भी अहसास हो सकता है। इस दौरान शिशु थोडा बड़ा हो जाता है।

  1. चौथे महीने में कैसे होता है शिशु का विकास की अगर बात की जाये तो इस दौरान शिशु की लंबाई करीब छह इंच होती हैं और शिशु का आकार एक बड़े संतरे के लगभग होता है। इस समय  शिशु का वजन 113 ग्राम होता है।
  2. अभी शिशु की त्वचा पतली होती है, लेकिन शिशु की हड्डियाँ मजबूत होनी प्रारंभ हो जाती हैं।
  3. चौथे महीने में शिशु की सिर, भौं और पलकों के बाल आने प्रारंभ हो जाते हैं।
  4. इस महीने शिशु के कानों का विकास भी प्रारंभ हो जाता है और वह आवाजें भी सुन सकने में समर्थ हो जाता है।
  • गर्भावस्था के चौथे महीने में क्या खाएं?:

फाइबरयुक्त भोजन :

गर्भावस्था के चौथे महीने में अधिकतर कब्ज की समस्या देखी जाती है। कब्ज से राहत पाने के लिए गर्भवती को फाइबर युक्त भोजन खाना चाहिए जैसे-साबुत अनाज, ओट्स, हरी पत्तेदार सब्जियां आदि।

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फैटी एसिड:

शिशु को दिमागी खतरे से बचाने के लिए और समय से पूर्व डिलीवरी के खतरे को टालने के लिए उचित मात्रा में फैटी एसिड का सेवन करना चाहिए जैसे गाय का दूध, अंडे, मूंगफली, मछली, स्ट्राबेरी व रसभरी आदि खाना चाहिए।

डेयरी उत्पाद:

गर्भवती और शिशु को इस दौरान भरपूर मात्रा में कैल्शियम की जरुरत होती है तोइसके लिए गर्भवती को डेयरी उत्पाद का सेवन करना चाहिए जैसे-दूध, दही, पनीर आदि।

चौथे महीने में कैसे होता है शिशु का विकास के बारे में तो हमने यहाँ देखा ही साथ ही हमने यहाँ देखा कि गर्भवती को भी कैसे अपना ध्यान रखना चाहिए। यह बहुत ही नाजुक समय होता है और इस समय गर्भवती और शिशु में बहुत से छोटे और बड़े परिवर्तन आते हैं जिन्हें समझना बहुत आवश्यक है।