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फ्लू क्या है एवं फ्लू के लक्षण

by Darshana Bhawsar
flu

आज के समय में न तो शुद्ध हवा है न शुद्ध पानी न ही शुद्ध भोजन। और इन सभी के कारण व्यक्ति को कई प्रकार की बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है जैसे मलेरिया, टाइफाइड, हैजा, डायरिया, फ्लू इत्यादि। वायु में प्रदुषण के चलते फ्लू जैसे रोग होते हैं और ये संक्रमण हवा के द्वारा ही फैलता है। अगर हवा शुद्ध हो और वातावरण साफ़ हो तो कई बीमारियाँ नहीं होती। यहाँ हम आज बात करने जा रहे हैं फ्लू के बारे में। कई बार ये रोग जानलेवा और घातक बन जाते हैं। इन रोगों से बचाव के लिए व्यक्ति को स्वयं ही सक्रिय रहना होता है जैसे साफ़ पानी पीना, सफाई से रहना इत्यादि।

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  • फ्लू क्या है?:

फ्लू एक ऐसी बीमारी है जो RNA वायरस के कारण होती है इसे इन्फ्लुएंजा के नाम से भी जाना जाता है। ये वायरस जानवरों एवं पक्षियों को उनकी सांस की नली के द्वारा संक्रमित करते हैं। फ्लू कई प्रकार का होता है यह इंसान से लेकर जानवरों दोनों में देखने को मिलता है। लेकिन यहाँ हम बात कर रहे हैं फ्लू की और तरह-तरह के फ्लू के बारे में। फ्लू के बारे में जानकारी होना बहुत ही जरुरी है।

  • फ्लू का कारण:

फ्लू एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता हैं यह आम सर्दी के कारण फैलते हैं। अगर आप ऐसे व्यक्ति के संपर्क में आते हैं जिसे फ्लू है या सर्दी है तो आप भी उससे संक्रमित हो सकते हैं। वायु में इस वायरस के कण फैलते हैं और उसके कारण ही मनुष्य को ये वायरस प्रभावित करते हैं। इसके कुछ अन्य कारण भी हैं जैसे:

  • वायरस युक्त छोटी बूंदों में सांस लेना। जब कोई फ्लू से संक्रमित व्यक्ति बोलता है, छींकता है या फिर खाँसता है तो हवा में वायरस फैलता है जिसके कारण दूसरा व्यक्ति भी उससे ग्रसित हो जाता है।
  • मान लिजिये फ्लू संक्रमित किसी व्यक्ति ने कोई सतह छुई या किसी भी चीज़ को छुआ तो उससे वायरस उस छुई हुई चीज़ में लग जाते हैं और अगर उसी वस्तु को कोई और व्यक्ति छू ले तो वह भी फ्लू से प्रभावित होगा।

ये कारण हैं जिनकी वजह से फ्लू जैसे रोग होना संभव है यह रोग बहुत ही नुकसानदायक होते हैं। और यह रोग एक व्यक्ति के दूसरे को छूने से भी फैलता है इसलिए इसमें थोड़ा बचाव करके चलना चाहिए।

  • फ्लू के लक्षण:

साधारण सर्दी और फ्लू के बीच में बहुत अंतर होता है तो आपको यह अंतर समझना बहुत ही जरुरी है। लेकिन कई बार यह समझना मुश्किल हो जाता है। फ्लू एवं सर्दी के कई लक्षण समान होते हैं। और दोनों ही बैक्टीरिया की वजह से नहीं बल्कि वायरस की वजह से फैलते हैं। और इसका मतलब यह है कि आप एंटीबायोटिक दवाओं से सर्दी और फ्लू का इलाज नहीं कर सकते। लेकिन सर्दी के लक्षण फ्लू से थोड़े बहुत ही अलग होते हैं। लेकिन फ्लू गंभीर होता है।

  • साधारण सर्दी:

जो साधारण सर्दी है वह एक वायरल संक्रमण है जो ऊपरी श्वसन तंत्र को ही प्रभावित करता है। इनमें श्वसन सिंसीयतील वायरस (आरएसवी), रहिनोवायरस,अडेनोवायरस, पैराइन्फ्लुएंज़ा वायरस और कोरोना इत्यादि शामिल हैं। इनके लक्षण संक्रमण में आने के 10-12 घंटे के अंदर ही दिखाई देने लगते हैं। और इनमें बहती नाक, खाँसी, गले में खराश या खराबी, छींक आना एवं कम ग्रेड बुखार देखा जाता है। अगर ऐसा है तो इसे नज़रअंदाज़ न करें।

  • फ्लू:

फ्लू वायरस के तीन प्रकार हैं।

  • प्रकार A वायरस:

इसमें मानव फ्लू और पशुओं में बीमारी के बहुत से मामले सामने आते हैं। और ये दोनों में ही किसी भी कारण से हो सकता है।

  • B प्रकार वायरस:

इसके बहुत ही कम मामले सामने आते हैं और इसमें गंभीर बीमारी के कारण कम ही होते हैं।

  • C प्रकार वायरस:

ये बहुत ही कम देखने को मिलते हैं और इनमें लेकिन सर्दी के लक्षणों की तुलना में ये गंभीर होते हैं।

  • फ्लू के लक्षण इस प्रकार होते हैं:
  • 39 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर अचानक से बुखार आना।
  • सूखी खाँसी।
  • मांसपेशियों में जकडन होना।
  • सिरदर्द।
  • गले में खराश।
  • अत्यधिक थकान।
  • बहती हुई या बंद नाक।
  • मतली, उल्टी और दस्त।

अगर आपको ये सभी या इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई देते हैं तो डॉक्टर के पास जरूर जाएं और इसकी जाँच करवाएं।

  • फ्लू की अवधि:

फ्लू की अवधि से मतलब है कि फ्लू संक्रमण कब तक या कितने दिन तक रहता है। वैसे तो इसकी अवधि 1-3 तक की है लेकिन आप इसे संक्रमण से आने के दिन से भी गिन सकते हैं। कभी-कभी तो संक्रमण के संपर्क में आने के पांच दिन बाद इसके लक्षण दिखाई देते हैं। कई बार ऐसा होता है कि फ्लू ठीक हो जाता है लेकिन कई अन्य बीमारियाँ छोड़ जाता है।

  • फ्लू की रोकथाम के तरीके:

फ्लू की रोकथाम के कई तरीके हैं लेकिन उनका आपको पालन करना होगा।

  • खाँसने और छींकने के समय रुमाल या एक टिशू का इस्तेमाल करें। और इससे अपनी नाक और मुँह ढक लें। हो सके तो टिशू का ही इस्तेमाल करें।
  • इस्तेमाल किये हुए टिशू को कूड़ेदान में डाल दें।
  • हाथ को धोने के लिए अगर आपके पास पानी नहीं है तो आप उसकी जगह डेटॉल वाइप्स या हैंड सैनेटाइसर का प्रयोग करें।
  • छुए जाने वाली चीज़ों का हमेशा ध्यान रखें। और अगर आप इन्हें छूते हैं तो अपने हाथ को जरूर धो लें।
  • सर्दी और फ्लू से जो लोग संक्रमित हैं उनके पास जाने से बचें।
  • अगर आपको सर्दी या फ्लू हुआ है तो आप घर पर ही रहें। और जितना हो सके तरल पदार्थ ही पियें।
  • पानी को गुनगुना करके पियें।
  • इनसे थोड़ी देर छुटकारा पाने के लिए आप इबुप्रोफेन या पेरासिटामोल ले सकते हैं।

फ्लू एक बहुत ही खतरनाक बीमारी है इसके लक्षण को पहचानना और इनसे बचाव करना बहुत आवश्यक है। अगर ऐसा नहीं किया जाता तो इसका बुरा परिणाम देखने को मिलता है। इसलिए अगर आपको कोई भी ऐसे लक्षण दिखाई दें तो सतर्कता बरतें।

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