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हमारी दिनचर्या बदलने का प्रभाव हमारे शरीर पर भी पड़ता है। पूरी नीद न लेने के कारण,  व्यस्तता के कारण सही प्रकार से भोजन न कर पाने से कई प्रकार की हेल्थ प्रॉब्लम हो सकती है। इन हेल्थ प्रॉब्लम के बढ़ने से शरीर में कई तरह के लक्षण दिखने लगते है, जिसे अधिकांश लोग नजरअंदाज कर देते हैं। इन हेल्थ  प्रॉब्लम्स में से एक शरीर का मोटापा भी है। कई बार शरीर में चर्बी बढ़ने के कारण गंभीर रोग हो जाते हैं।

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शोधकर्ताओ के अनुसार उच्च बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) होना शरीर में कैंसर होने का कारण हो सकता है लेकिन इसके अलावा पेट पर  अधिक चर्बी के जमा होने से भी कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। शोधकर्ताओं के अनुसार वृद्ध लोगों में इस जोखिम की अधिक संभावना है।

धूम्रपान के बाद अधिक वजन या मोटापा कैंसर का दूसरा सबसे बड़ा कारण माना जाता है, जिससे सही उपाए अपना कर बचा जा सकता। वैज्ञानिको  के अनुसार  अगर हमारी कमर कि चर्बी  11 सेंटीमीटर के अनुसार बढ़ रही है तो यह कैंसर का कारण हो सकता है जो की मोटापे से संबंधित होता है। कमर पर मोटापे के बढ़ने से स्तन, आंत्र, गर्भाशय, ओएसोफैगल , अग्नाशय , गुर्दा, लीवर, ऊपरी पेट (गैस्ट्रिक कार्डिया), पित्ताशय की थैली, ओवरी के कैंसर होने की संभावनाएं बढ़ जाती है। थायराइड होने का भी खतरा 13 प्रतिशत बढ़ जाता है।

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यह भी देखा गया है की अगर कमर में आठ सेंटीमीटर चर्बी की वृद्धि हो रही है तो यह आंत से जुड़े कैंसर के खतरे को 15 प्रतिशत बढ़ा सकता है। फ्रांस में इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर (आईएआरसी-डब्ल्यूएचओ) के मुख्य लेखक हींज फ्रीसलिंग जो की इस अध्यन से जुड़े है उन्होंने  कहा, “हमारे निष्कर्ष से जाहिर होता है कि बीएमआई और शरीर के जिस हिस्से में चर्बी जमा हो जाती है, वह मोटापे से संबंधिक कैंसर के खतरे को बढ़ा देते है। खासकर पेट के आसपास होने वाली चर्बी कई प्रकार के कैंसर को जन्म देती है।” इस खोज  में अध्ययनकतार्ओं ने 43,000 लोगो  को अध्ययन के लिए शामिल किया था। यह शोध ‘ब्रिटिश जर्नल ऑफ कैंसर’ नामक पत्रिका में प्रकाशित है।

रिपोर्ट: डॉ. हिमानी