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नई दिल्ली। सुबह के नास्ते के टेबल पर अगर पौ‍ष्टि‍क नास्ते की बात की जाए तो दिमाग में सबसे पहले अंडे  का नाम आता है  लेकिन, इसका कौन सा हिस्सा खाया जाए और कौन सा नहीं, इस पर हमेशा से ही सवाल उठते रहे है। अण्डे के पीले हिस्से में कोलेस्ट्रॉल और वसा की बहुत अधिक मात्रा पायी जाती है। इसी वजह से सेहत के लिए इसे अच्छा नहीं माना जाता है। जो लोग हाई ब्लडप्रेशर, डाइबिटीज, हृदय संबंधी रोगो से जूझ रहे है या अधिक मोटे है, उनको अंडे का पीला वाला हिस्सा नहीं खाना चाहिए। क्योकि इसमें अधिक मात्रा में पाए जाने वाला कोलेस्ट्रॉल और फैट हृदय के लिए नुकसानदेह होता है। रिसर्च के अनुसार अंडे का पीला वाला भाग आपके हार्ट के लिए बिल्कुल भी सेफ नहीं माना गया है।

2012 में आई रिसर्च के मुताबिक, लंबे समय से अंडे को हेल्दी फूड की सूचि में रखा गया था। लेकिन रिसर्च के परिणाम के अनुसार पीला हिंसा खाने का इफेक्ट आपके दिल पर ठीक उसी प्रकार पड़ता है जिस प्रकार स्मोकिंग करने से। क्योकि पीले भाग में कॉलेस्ट्रॉल बहुत ज्यादा होता है जो की बहुत heavy होता है। इससे कोरोनरी आर्टरी डिजीज होने का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है। कनाडा की वेस्टर्न यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिको की शोध के द्वारा यह बात सामने आयी है कि जो लोग सप्ताह में तीन या इससे अधिक बार अंडे का पीला भाग खाते हैं उन्हें हार्ट डिजीज होने का खतरा बढ़ जाता है। अंडे को एक संतुलित आहार के रूप में लेना ही सेहत के लिए फायदेमंद होता है।

क्योकि अधिक मात्रा में अंडे के सेवन से स्वास्थ्य से जुडी समस्याएं बढ़ भी सकती है। रिसर्च के अनुसार एक अंडे के पीले भाग में 200 mg कोलेस्ट्रॉल की मात्रा पायी जाती है और एक स्वस्थ व्यक्ति के लिए लगभग  300 mg  कोलेस्ट्रॉल की ही जरुरत होती है। अतः दिन में 2 अंडो का सेवन ही उचित होता है। अंडे के पीले वाले भाग के अधिक सेवन से किडनी पर जोर पड़ता है। अतः जिन्हें किडनी या ह्रदय से जुडी समस्या हो, उन्हें अंडों का सेवन कम मात्रा में करना चाहिए।

रिपोर्ट: डॉ. हिमानी