Home स्वास्थ्य टिप्स दर्द से राहत दिलाने का अनोखा तरीका, कपिंग थेरेपी

दर्द से राहत दिलाने का अनोखा तरीका, कपिंग थेरेपी

by Mahima
therapy

कपिंग थेरेपी नाम तो सुना ही होगा आपने। कपिंग थेरेपी वैकल्पिक चिकित्सा का एक प्राचीन रूप है, जिसके अंतर्गत त्वचा पर एक स्थानीय सक्शन बनाया जाता है। चिकित्सकों का मानना है कि इससे ब्‍लड सर्कुलेशन बढ़ता है और उपचार में मदद मिलती है। सक्शन में गर्मी (आग) या यांत्रिक उपकरणों (हाथ या बिजली के पंप) का उपयोग कर किया जाता है। एक तरह से देखा जाए तो कपिंग मसाज का प्रतिलोम है, इसमें मांसपेशियों पर दबाव डालने की जगह सक्शन त्वचा, ऊतकों और मांसपेशियों को ऊपर की और खींचने के लिए दबाव का उपयोग करते हैं। तो चलिये विस्तार से जानें कि कपिंग थेरेपी क्या है, इसके कितने प्रकार हैं और इससे क्या फायदे हैं।

इसे भी पढ़ें: दीपावली वाले दिन क्यों करते हैं मां लक्ष्मी के साथ गणेश भगवान का पूजन

कपिंग थेरेपी के तरीके

मोटे तौर पर कपिंग के दो प्रकार के होते हैं, ड्राई कपिंग और ब्लीडिंग या वैट कपिंग। इसमें से वेट कपिंग ज्यादा प्रचलित है। ब्रिटिश कपिंग सोसाइटी में कपिंग की दोनों ही विधियां सिखाई जाती हैं। सामान्यतौर पर वैट कपिंग उपचारात्मक व चिकित्सीय दृष्टिकोण पर आधआरित होती है और ड्राई कपिंग चिकित्सीय तथा आराम पहुंचाने वाली पद्धति पर काम करती है। दरसल इसको लेकर पसंद चिकित्सकों और संस्कृतियों के साथ अलग भी होती है।

इसे भी पढ़ें: दिवाली पर बनाएं रंगोली के यह बेस्ट डिजाइन

ड्राई कपिंग

कपिंग प्रक्रिया में आमतौर पर त्वचा के बगल में कम हवा के दबाव के एक छोटे से क्षेत्र का निर्माण शामिल होता है। हालांकि इसमें कई तरह के उपकरणों, कम दबाव बनाने की विधि आदि प्रक्रियाओं का भी उपचार के दौरान इस्तेमाल किया जाता है। कप गेंदों या घंटी सहित विभिन्न आकार हो सकते हैं तथा 1 से 3 इंच (25-76 मिमी) तक आकार में हो सकते हैं। पहले के समय की तुलना में सींग, मिट्टी के बर्तन, पीतल और बांस की जगह अब प्लास्टिक और कांच के कपों का ही अधिक इस्तेमाल किया जाता है।

इसे भी पढ़ें: इस दिवाली डायबिटीज रोगी खाएं जमकर मिठाई, नहीं बढ़ेगी शुगर!

कम हवा वाला दबाव बनाने के लिये कप को गर्म कर या कप के अंदर मौजूद हवा व लौ की मदद लेकर या फिर कपों को गर्म सुगंधित तेलों में डुबाकर त्वचा पर लगाया जाता है। और जैसे जैसे कप के अंदर मौजूद हवा ठंडी होती है, यह त्वचा को सिकोड़ती है और थोड़ा अंदर की ओर खींच लेती है। अब तो वैक्यूम को एक यांत्रिक सक्शन पंप की, जोकि कप के ऊपर स्थित एक वाल्व की मदद से भी बनाया जा सकता है। इसके अलावा रबड़ कप भी उपलब्ध हैं।

You may also like

Leave a Comment

* By using this form you agree with the storage and handling of your data by this website.