Home लाइफ सकारात्मक रह कर, दे सकते हैं कठिन कामों को भी अंजाम

सकारात्मक रह कर, दे सकते हैं कठिन कामों को भी अंजाम

by Mahima
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इस बात से इन्कार नहीं किया जा सकता कि व्यायाम हमारी फिजियोलॉजिकल हेल्थ के लिए बहुत ही लाभकारी होता है। इसके साथ ही अपनी दिनचर्या में इसे शामिल करने से बहुत से मनोवैज्ञानिक बिमारियों जैसे तनाव, दवाब, अवसाद, मूड बदलना, खराब मेमोरी व चिन्ता आदि पर भी कंट्रोल पाया जा सकता है।

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आज के दौर में हर कोई हेल्दी और फिट रहने के लिए रोज वर्कआउट करने की कोशिश करता है। एक्सरसाइज के लिए कोई जिम जाता है, तो कोई स्पोटर्स करता है, तो कोई पार्क में दौड़ता है। परन्तु हाल ही में हुई एक रिसर्च  से यह बात सामने आई है कि अधिकांश लोगों का यह मानना है कि एक्सरसाइज करने से उनको बहुत थकावट महसूस होती है और स्पोटर्स में उससे भी अधिक मेहनत लगती है।

यूनिवर्सिटी ऑफ फ्रीबर्ग के वैज्ञानिक हेंड्रिक मोथ्स के अनुसार ये बात लोगों पर निर्भर करती है कि वह क्या  उम्मीद करते हैं। वे वर्कआउट के लिए क्या विकल्प चुन रहे हैं और उसे कितना समय दे रहे हैं और सबसे महत्वपूर्ण कि वह किस सोच के साथ वर्कआउट करना आरम्भ  कर रहे हैं।

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वैज्ञानिकों ने अपनी रिसर्च के दौरान 18 से 32 वर्ष के 78 पुरुषों और महिलाओं को शामिल किया और रिसर्च के दौरान उनको 30 मिनट तक साइकिलिंग करने के लिए कहा। साइकिलिंग शुरू करने से पहले सब व्यकितयों से  पूछ लिया गया कि वे कितनी देर तक वर्कआउट करने में सक्षम हैं। इतना ही नहीं, साइकिलिंग शुरू करने से पहले प्रति‍भागियों को उससे होने वाले हेल्थ बेनिफिट्स और उसके पॉजिटिव फैक्ट्स के बारे में सम्पूर्ण जानकारी भी दी गई। साथ ही सभी प्रति‍भागियों को इनके बेनिफिट्स पर आधारित एक फिल्म भी दि‍खाई गई।

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अतः इस पूरी रिसर्च के नतीजों से यह बात सामने आई कि जिन लोगों ने पूरी तरह से सकारात्मक सोच के साथ एक्सरसाइज को शुरू किया था, वह उन लोगों की तुलना में अधिक संतुष्ट और कम तनाव में थे, जिन व्यक्तियों ने नकारात्मक सोच के साथ एक्सरसाइज शुरू की थी।

अतः इस रिसर्च से यह बात सामने आई कि सकारात्मक सोच के साथ शुरू किये गए कामों को करने से कम तनाव और थकावट महसूस होती है।

रिपोर्ट: डॉ.हिमानी

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