Home फिटनेसयोग व्यायाम के तीन सबसे महत्वपूर्ण प्रकार

व्यायाम के तीन सबसे महत्वपूर्ण प्रकार

by Dr. Himani Singh
योगा

व्यायाम अच्छे स्वास्थ्य की कुंजी है। नियमित व्यायाम करना हमारे शरीर के लिए बहुत ही लाभकारी होता है ऐसा हम सभी ने कई बार सुना है क्योकि यह हमारे शरीर के वजह को नियत्रित रख कर हमारे शरीर कि अनेकों शारीरिक गतिविधियों को सही रखता है। परन्तु देखा गया है कि हम खुद को एक या दो प्रकार की गतिविधियों तक ही सीमित कर लेते हैं। क्योकि हम वही करते हैं जिसको करने में हम आसानी महसूस करते है। ऐसे में हम कुछ प्रभावी व्यायाम और फिटनेस के कुछ पहलुओं को अनदेखा कर देते हैं। देखा जाये तो अधिकास फिटनेश एक्सपर्ट्स द्वारा एरोबिक, शक्ति-प्रशिक्षण, लचीलापन इन तीन प्रकार के व्यायाम करने की सलाह दी जाती है।

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आइये जानते हैं इन तीनों प्रकार के व्यायम करने के क्या लाभ होते हैं :

 एरोबिक व्यायाम:

एरोबिक व्यायाम आपके श्वास और हृदय गति को बढ़ाते हैं और हमारे शरीर को फिट रखने में मुख्य घटक  के रूप में साबित होतें हैं। इस प्रकार के व्याययाम हमारे संचार प्रणाली और फेफड़ों को स्वस्थ रखने में महतव्पूर्ण भूमिका निभाते हैं , साथ ही मधुमेह और हृदय रोग को दूर करते हैं। एरोबिक व्यायाम रक्त वाहिकाओं की दीवारों को कम करने, रक्तचाप कम करने, शरीर में वसा को जलाने, रक्त शर्करा के स्तर को कम करने, सूजन को कम करने, मूड को अच्छा करने और "अच्छा" एचडीएल कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने में मदद प्रदान करते हैं।एरोबिक व्यायाम करने से सहन-शक्ति का भी निर्माण होता है। सप्ताह में कम से कम 150 मिनट की मध्यम गति वाली एरोबिक गतिविधि या 75 मिनट की जोरदार एरोबिक गतिविधि करना
शारीरक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है।

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 स्ट्रेंथ ट्रेनिंग:

जैसे जैसे हमारी उम्र बढ़ती हैं हमारी हड्डियों और मांसपेशियों की मजबूती कम होती जाती है। स्ट्रेंथ ट्रेनिंग उम्र के साथ जिन मांसपेशियों को हम खो देते हैं। उनको वापस लाने में मददगार होती है। "नियमित शक्ति प्रशिक्षण आपको घर के आसपास किराने का सामान, बागवानी करने और भारी समान उठाने जैसे दैनिक कार्यों में अधिक आत्मविश्वास और सक्षम महसूस करने में मदद प्रदान करता है। अपनी मांसपेशियों को मजबूत करना न केवल आपको मजबूत बनाता है, बल्कि हड्डियों के विकास को भी उत्तेजित करता है, रक्त शर्करा को कम करता है, वजन नियंत्रण में सहायता करता है, संतुलन और मुद्रा में सुधार करता है, और पीठ के निचले हिस्से और जोड़ों में तनाव और दर्द को कम करता है। स्ट्रेंथ ट्रेनिंग का उद्देश्य आपकी
मांसपेशियों की ताकत और हड्डियों के घनत्व को बढ़ाना होता है। वार्म-अप के बाद, 4 -5 विभिन्न प्रकार कि स्ट्रेंथ ट्रेनिंग अभ्यासों के 8-12 पुनरावृत्ति को दोहराएं जो विभिन्न मांसपेशी समूहों को प्रभावित करते हों।

 स्ट्रेचिंग:

स्ट्रेचिंग से लचीलापन बनाए रखने में मदद मिलती है। क्योकि उम्र बढ़ने के साथ साथ हमारी मांसपेशियों और टेंडॉन्स में लचीलेपन का आभाव आ जाता है। जिस वजह से मांसपेशियों में ऐंठन, दर्द, मांसपेशियों की क्षति, तनाव, जोड़ों में दर्द आदि का खतरा बढ़ जाता है। जिसकी वजह आप देनिक कार्य करने में भी असमर्थ महसूस करते हैं जैसे कि जूते बांधने, नीचे झुकने , गाडी चलाने, बिस्तर से उठने में आदि । अतः
नियमित रूप से , मांसपेशियों को निको खींचना और उनको लचीला बनाना आवश्यक होता है, जिससे आपके शरीर को उचित गति मिलती है साथ ही दर्द और चोट के जोखिम भी कम होते है। अतः हर दिन या सप्ताह में कम से कम तीन या चार दिन 10 से 15 मिनट की स्ट्रेचिंग के लक्ष्य को अवश्य पूरा करें ।

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